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Hathras News: हाथरस-जलेसर मार्ग के निर्माण के लिए लाड़पुर में धरने पर बैठे लो

Fri, 26 May 2023 01:12 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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लाड़पुर में धरने के दौरान पहुंचे तहसीलदार को ज्ञापन देते लोग। संवाद - फोटो : savmad
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हाथरस-जलेसर मार्ग पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में है। मार्ग के निर्माण की आज तक किसी ने सुधि नहीं ली है। बृहस्पतिवार की सुबह लोगों का सब्र जवाब दे गया। लोगों ने नारेबाजी करते हुए विरोध स्वरूप हवन किया और कस्बा लाड़पुर के निकट धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि इस मार्ग से 25 गांवों के लोग शहर से जलेसर के बीच की दूरी तय करते हैं।
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इसके बाद भी इस मार्ग की हालत इतनी खराब है कि इसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे हो रहे हैं। अनशन की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मार्ग का जल्द निर्माण कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणाें ने तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा।



उल्लेखनीय है कि हाथरस-जलेसर एकल मार्ग है। हाथरस सीमा में करीब 16 किलोमीटर मार्ग की हालत बहुत खराब है। पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। मार्ग के निर्माण के लिए लोगों ने कई बार मांग की। इस मार्ग पर दुर्घटनाओं में अब तक कई लोग जान गंवा चुके हैं तो कई लोग जख्मी हो चुके हैं। लोगों को गंतव्य की दूरी तय करने में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को मार्ग का निर्माण न होने से नाराज लोगों का सब्र का बांध टूट गया।
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इन गांवों के लोग करते हैं मार्ग पर सफर
हाथरस-जलेसर मार्ग पर नयाबांस, नगला खान, जैनीगढ़ी, गंगचौली, नगला इमलिया, लाड़पुर, नगला झंडू, नगला वामन, बलना, भोपतपुर, भिलोखरी, मिर्जापुर, कैमार, ऐंहन, सिकंदरपुर, परसारा, कुम्हरई, अफोया, लाखनू, सूरजपुर, बेरगांव, कोका, तिपरस, अलिया नगला, सूजिया, सुजान, तुरसैन सहित 25 गांवों के अलावा यह मार्ग पड़ोसी जिले एटा, जलेसर और फिरोजाबाद से हाथरस को जोड़ता है।




वापस हो गया निर्माण के लिए मिला बजट
लोक निर्माण विभाग द्वारा इस मार्ग के निमार्ण के लिए शासन को चौड़ीकरण व विशेष मरम्मत के लिए 37 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया। इसके बाद शासन स्तर से इस मार्ग के निर्माण के लिए मात्र एक करोड़ 79 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। यह धनराशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान थी। लोनिवि अधिकारियों का कहना है कि यदि इस मार्ग की विशेष मरम्मत इस धनराशि से कर दी जाती तो इसका चौड़ीकरण भी नहीं हाे पाता। मार्ग की हालत ज्यादा खराब होने के कारण इतने बजट से काम नहीं हो पा रहा था। इस कारण लोनिवि ने इस बजट को शासन को वापस कर दिया।




करीब 20 हजार वाहनों का है आवागमन
हाथरस से जलेसर को जोड़ने वाला यह अकेला मार्ग है। लोग समय को बचाने के लिए इस मार्ग से सफर करते हैं। 25 गांवाें के लोग भी शहर के लिए इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। लोगों का कहना है कि औसतन 20 हजार वाहन इस मार्ग से आवागमन करते हैं।




हाथरस जलेसर मार्ग के निर्माण को लेकर लोनिवि व अपर मुख्य सचिव से वार्ता हुई। इस सड़क के निर्माण को कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से फिलहाल पेच का कार्य कराएंगे, जिससे जब तक कार्ययोजना को स्वीकृति मिले तो लोगों को राहत मिल सके। धरने पर बैठने वाले लोगों से वार्ता की गई है। पिछले वित्तीय वर्ष में करीब दो करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई थी, लेकिन इस सड़क निर्माण के लिए यह धनराशि पर्याप्त नहीं थी।
-अर्चना वर्मा, जिलाधिकारी



मार्ग की हालत बहुत खराब है। कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को अवगत कराया गया है। इसके बावजूद इस मार्ग के निर्माण की आज तक किसी ने सुधि नहीं ली है। मजबूरी में धरना शुरू करना पड़ा है।
-गोपाल, प्रधान लाड़पुर




इस मार्ग पर वाहन तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। आए-दिन वाहन पलट जाते हैं। लोग जख्मी हो जाते हैं। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग का निर्माण न होने के कारण आज धरना शुरू किया गया है।
-संजू सिंह, ग्रामीण



इस मार्ग से हर रोज हजारों की संख्या में वाहन गंतव्य की दूरी तय करते हैं। इसके बावजूद इस मार्ग के निर्माण पर किसी का ध्यान नहीं है। निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ अनशन की शुरुआत की गई है।
-अजय, प्रधान नयाबांस



हाथरस-जलेसर मार्ग कई सालों से जर्जर हालत में है। इसके निर्माण के लिए काफी समय से मांग की जा रही है। आज तक इस मार्ग के निर्माण की किसी ने सुधि नहीं ली है। इस कारण आज धरना-प्रदर्शन शुरू करना पड़ा है।
-अविनाश गुप्ता, ग्रामीण




इस मार्ग के निर्माण में जो देरी हुई है, उसके लिए हमें खेद है। आमजन की समस्या को ध्यान में रखते हुए जून माह में निर्माण शुरू कराया जाएगा। इस संदर्भ में शासन स्तर पर भी वार्ता हुई है।
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-अंजुला माहौर, सदर विधायक
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