मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण इलाके के 152 गरीबाें का आशियाना दिए जाने के लिए विकास खंड स्तर से डाटा तैयार किया गया था। इन जरूरतमंदों को आशियाने के आवंटन प्रकिया ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते अटकी हुई है। ब्लॉक हाथरस और सासनी के अधिकारियों ने एक भी लाभार्थी का पंजीकरण पोर्टल पर नहीं किया है। इस मामले में लगातार शासन स्तर से निगरानी करते हुए नाराजगी जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों, गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को आवास उपलब्ध कराए जाते हैं। यहां सभी ब्लॉकों से 152 लाभार्थियों को आवास दिए जाने के लिए चिन्हित किया गया है। इनका पंजीकरण विभागीय पोर्टल पर किए जाने के शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं । इसके बावजूद अभी तक 124 लाभार्थियों का डाटा पोर्टल पर फीड नहीं किया गया है।
ब्लॉक स्तर से इन लाभार्थियों का पंजीकरण किए जाने में लापरवाही बरती जा रही है। इस कारण यह डाटा शासन को नहीं पहुंच पा रहा है। यहां तक कि पंजीकरण करने में हाथरस व सासनी ब्लॉक शून्य हैं। इन दोनों ब्लॉकाें द्वारा घोर लापरवाही सामने आई है। परियोजना निदेशक राजेश कुरील ने बताया कि शासन स्तर से अभी मांग नहीं मांगी गई है। मांग मांगने से पूर्व पंजीकरण की प्रकिया को पूर्ण करा लिया जाएगा।