टीकाकरण में पांच साल तक की उम्र तक के छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए मिशन इंद्रधनुष 5.0 अभियान शुरू होगा। अभियान के लिए सीएमओ कार्यालय में डबल्यूएचओ ने संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.मंजीत सिंह ने कहा कि 0 से 5 साल तक के सभी छूटे हुए एवं प्रतिरोध वाले बच्चों का टीकाकरण किया जाए। जिले में कोई बच्चा टीकाकरण से नहीं छूटना चाहिए। एसएमओ डब्ल्यूएचओ डॉ. प्रीति रावत ने कहा कि सबसे पहले 0 से 5 साल तक के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का सर्वे कराएं। जिन बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उनके सर्वे फार्म में लिखा जाए कि कौन कौन सा टीका लगना अभी बाकी है।
सर्वे से पहले सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण कराएं। ब्लॉक स्तर पर अंतर विभागीय बैठक भी कराएं। जिन गांवों में आशा नहीं है, वहां पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से सर्वे कराएं। जिन उपकेंद्रों पर पांच वर्ष बच्चे से कम बच्चे निकलते हैं, वहां सत्र आयोजित नहीं कराना है। ऐसी गर्भवती महिलाओं की भी सूची बनानी है, जिनको टीडी 1,2 या बूस्टर नहीं लगा है।
एसीएमओ डॉ. नरेश गोयल ने बताया कि अभियान का पहला चक्र सात अगस्त से 12 अगस्त, दूसरा चक्र 11 से 16 सितंबर एवं तीसरा चक्र नौ से 14 अक्तूबर चलेगा। 31 जुलाई से पहले ब्लॉक का माइक्रोप्लान बनकर हर हाल में जिले पर पहुंच जाए। प्रशिक्षण में डॉ. राजीव गुप्ता एसीएमओ, एसीएमओ डॉ. मधुर, डॉ. आलम, डॉ. आरएन सिंह, डॉ. राजेंद्र कुमार अरोड़ा, बलवीर सिंह आदि थे।