बेमौसम हुई बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दे दी हैं। इन दिनों खेतों में आलू की खुदाई का कार्य चल रहा है। आलू की खुदाई का कार्य बारिश के कारण थम गया है। वहीं, खेतों में पड़े आलू भी बारिश के कारण खराब होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस कारण आलू में सड़न आने की संभावना भी बन गई है।
शनिवार की देर रात से हाथरस जनपद में रुक-रुक चल रही बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। बारिश से खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई। यहां तक कि सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है। आलू की खुदाई भी बारिश के चलते पूरी तरह से थम गई है। जौ की कटी फसल खेतों में जलमग्न हो गई है।
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जिले भर में बेमौसम हुई बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दे दी हैं। इन दिनों खेतों में आलू की खुदाई का कार्य चल रहा है। आलू की खुदाई का कार्य बारिश के कारण थम गया है। वहीं, खेतों में पड़े आलू भी बारिश के कारण खराब होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस कारण आलू में सड़न आने की संभावना भी बन गई है। वहीं दूसरी ओर से खेतों में गेहूं की पकी फसल भी तेज बारिश के कारण पूरी तरह से बिछ गई है। गेंहू किसान फसल के बिछने के कारण परेशान हैं। इस बारिश से सरसों व जौ की पकी फसल को भारी नुकसान हो रहा है।
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इस बारिश से सभी फसलों को नुकसान है। किसानों की कमर तोड़ दी है। गेंहू की फसल तो पूरी तरह से खेतों में बिछ गई है। सभी खेतों में फसल कट रही है या कटने को तैयार खड़ी है। - अजयपाल, किसान
खेतों में जौ की पकी फसल इस बारिश से बेकार हो गई है। आलू की खुदाई खेतों में चल रही है। इस बारिश के कारण खुदाई तो रुक ही गई है। यहां तक फसल भी बेकार हो रही है। - बनवारी लाल, किसान
शासन की ओर से बारिश से बर्बाद हुई फसल का आकलन करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। बारिश बंद होने के बाद फसल नुकसान का आकलन किया जाएगा। - आरके सिंह, जिला कृषि अधिकारी