अलीगढ़-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग बनकर तो तैयार हो गया है, लेकिन सुरक्षा मानक का सर्वेक्षण न होने के कारण अभी इसे चालू नहीं किया जा सका है। जाहिर है कि लोगों को इस मार्ग पर आवागमन के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। इस राजमार्ग के चालू होते ही वाहनों का आवागमन सिकंदराराऊ नगर के अंदर होने की बजाय बाईपास होकर होने लगेगा।
फिलहाल यह राजमार्ग कानपुर से सिकंदराराऊ मंडी समिति तक और अलीगढ़ से गांव सराय तक चालू है, लेकिन बाईपास पर अभी आवागमन शुरू नहीं हुआ है। इसकी वजह अभी तक इस बाईपास को सुरक्षा मानक से संबंधित हरी झंडी नहीं मिल पाना है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पीके कौशिक का कहना है कि बाईपास को सुरक्षा मानक से संबंधित मंजूरी दिलाने के प्रयास जारी हैं। जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी और उसके बाद बाईपास से वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।
हालांकि लोगों ने इस बात पर आपत्ति की है कि बिना मार्ग पूरा किए ही अकराबाद टोल प्लाजा पर टैक्स की वसूली कैसे शुरू कर दी गई। बता दें कि पांच वर्ष से अलीगढ़-कानपुर राजमार्ग 91 पर निर्माण कार्य चल रहा है। पनैठी से भदवास तक निर्माण का कार्य बृजगोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। सिकंदराराऊ के गांव सराय से मंडी समिति तक ऊपरगामी पुल के माध्यम से बाईपास का निर्माण किया गया है।
पहले तो रेलवे लाइन के ऊपर पुल बनाने के लिए काफी समय तक रेलवे से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं मिला। एनओसी मिलने के बाद निर्माणदायी संस्था ने काम पूरा कर दिया। राजमार्ग को बाईपास से जोड़ने के लिए बने ऊपरगामी पुल पर लाइट लग गई हैं और बाकी काम भी पूरा हो गया है।
घर से पीछे से बाईपास निकला है। इस पर बहुत दिनों से काम चल रहा है, लेकिन अभी तक पता नहीं कब तक चालू हो पाएगा। धूल से परेशान हैं।
नियम के विरुद्ध बाईपास बनने के पहले अकराबाद पर टोल टैक्स वसूलना गलत है। नियम का पालन न करके एनएच ने टोल चालू किया है। पहले रेलवे ने एनओसी नहीं दी। अब एनएच सुरक्षा मानकों की जांच करेगा।
-योगेश परमार, स्थानीय निवासी
काम लगभग पूरा हो गया है। अब सुरक्षा मनकों की जांच के बाद इसे चालू करने की मंजूरी मिल जाएगा। रही बात टोल टैक्स की तो जितने किमी मार्ग चालू नहीं है, उतना कम करके टोल टैक्स की वसूली की जा रही है।
-पीके कौशिक, पीडी एनएचएआई