शहर में करीब एक हजार ई-रिक्शा बिना पंजीकरण सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ये ई-रिक्शा आमजन के लिए राहत कम मुसीबत ज्यादा पैदा कर रहे हैं । नगर पालिका ने इनके मार्ग तय किए हैं, लेकिन चालक इन मार्गों पर रिक्शों का संचालन न कर मनमर्जी रास्तों पर दौड़ा रहे हैं। इस कारण शहर में अक्सर जाम लग जाता है।
नगर पालिका ने ई रिक्शों के संचालन के लिए प्रमुख चौराहों से संचालन के लिए मार्ग तय किए हैं, लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका। चालक अपनी मर्जी के मुताबिक मार्गों पर ई रिक्शा दौड़ा रहे हैं। मुख्य बाजारों व मार्गों पर तो जरूरत से ज्यादा ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है। शहर में ई-रिक्शा जाम का कारण बन गए हैं। इस कारण गंतव्य की दूरी तय करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ई-रिक्शा चालकों को यातायात के नियमों की जानकारी दी जाए। मुकेश गुप्ता, राहगीर।
शहर में ई-रिक्शा भले ही लोगों को गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन इनके मार्ग नियत किए जाएं। अगर कोई ई-रिक्शा गलती से अन्य मार्ग पर आए तो उस पर कार्रवाई जाए। ताकि शहर में आवागमन सुचारू रहे।
मोहित खंडेलवाल, राहगीर
ई-रिक्शा चालकों को यातायात नियमों की पर्याप्त जानकारी नहीं है। इस कारण वह मनमर्जी से हर जगह पर मोड़ देते हैं। इससे जाम लग जाता है। इन्हें यातायात के नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।
-निशांत वार्ष्णेय, राहगीर
ई-रिक्शा के लिए शहर के सार्वजनिक स्थलों पर स्टैंड का चयन किया जाए। ताकि उस स्टैंड से वह नियम मार्ग पर चलें। शहर में जाम भी खत्म हो जाएगा। राह तय करने में आसानी मिलेगी।
-राजू सिंह, राहगीर
वैसे ई-रिक्शा नगर पालिका में पंजीकृत किए गए हैं। मार्ग भी वहीं से नियत किए गए हैं। हमारे यहां तो कुछ ही ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनके संचालन पर पालिका के कर्मी नजर रखें। वैसे आवागमन को सुचारू रखने के लिए ई रिक्शों पर अभियान चलाते हुए कार्रवाई की जाएगी।
-नीतू सिंह, एआरटीओ प्रशासन