विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय ने घर में घुसकर अनुसूचित जाति की आठ वर्षीय बालिका से छेड़खानी करने वाले को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना कोतवाली क्षेत्र निवासी एक महिला ने थाने में तहरीर दी। तहरीर में उसने कहा था कि 16 अप्रैल 2017 को दोपहर करीब तीन बजे उसकी आठ वर्षीय बड़ी बेटी व छोटी बेटी कमरे में खेल रही थीं। पूरा परिवार बाहर था तो आरोपी विमल आया। बड़ी बेटी को नमकीन खिलाने के लालच में लेकर गलत नीयत से उसके साथ अश्लील हरकत करना शुरू कर दी। बेटी चिल्ला उठी।
दोनों बच्चियां भयभीत होकर खड़ी हुईं। बच्चियों की चीखने पर कई बच्चे और औरतें एकत्रित हो गईं तो विमल वहां से भाग निकला। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने इस मामले में विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट)चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत विमल को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केशवदेव माहौर ने की।