संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
सूक्ष्म और लघु उद्योगों में निवेश करने वाले उद्यमियों को अब ऋण कोलेटरल यानि मुफ्त ऋण बिना कुछ गिरवी रखे मिलेगा। बैंकों की ओर से ली जाने वाली वन टाइम गारंटी फीस को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इससे जिले के हीग, रेडीमेड गारमेंट्स, रंग-गुलाल, हस्तशिल्प, हैंडलूप और नमकीन आदि से जुड़े उद्योगों को काफी प्रोत्साहन मिलेगा।
पिछले दिनों राज्य सरकार ने अपनी नई औद्योगिक नीति जारी की थी। इसमें यह तय किया था कि लघु और सूक्ष्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नये प्राविधान तय किए गए हैं। इसमें लघु और सूक्ष्म उद्योग पर देय ऋण पर वार्षिक ब्याज का 50 प्रतिशत करीब 25 लाख रुपये पांच वर्षों के लिए दिया जाएगा।
नई औद्योगिक नीति में उद्यमियों को पूंजीगत निवेश पर 10 से 25 फीसदी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को ऋण के ब्याज पर 60 फीसदी तक सब्सिडी देने की योजना है। सूक्ष्म इकाइयों के पात्र निवेशकों के लिए आवेदन अवधि दो वर्ष होगी। एमएसएमई इकाइयों को अधिक से अधिक स्रोत से क्रेडिट उपलब्ध कराने के लिए स्टॉक एक्सचेंज पर 20 प्रतिशत की राशि दी जाएगी।
निवेश पर बतौर सब्सिडी सहायता देगी सरकार
अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्यमियों को दो प्रतिशत अतिरिक्त निवेश प्रोत्साहन सहायता प्रदान की जाएगी। निवेश प्रोत्साहन की अधिकतम सीमा चार करोड़ रुपये तक होगी। पांच करोड़ रुपये और इससे अधिक की मशीनरी एवं संयंत्र वाली सभी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को कच्चे माल खरीद पर पांच वर्ष के लिए मंडी शुल्क से छूट की व्यवस्था दी जाएगी। विभाग के औद्योगिक अस्थानों में भूखंड और शेडों के आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
अभी एमएसएमई नीति का शासन आदेश जारी हुआ है। बिंदुवार जो आदेश होंगे, उस पर अमल किया जाएगा। इस नीति से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उद्यमियों को कामकाज में काफी सुविधा मिलेगी।
-डीएस कपूर, लीड बैंक मैनेजर