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Hathras News: गोवंश के शवों का दफनाने के लिए नहीं है भूमि

Sun, 07 Jan 2024 01:00 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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कैलोरा ​स्थित गोशाला का निरीक्षण करतीं डीएम।स्रोत : सूचना विभाग  - फोटो : Samvad
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तहसील सिकंदराराऊ क्षेत्र के मांधाती स्थित गोशाला में गोवंश के शव और अवशेष मिलने के बाद जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने नगला मियां पट्टी देवरी के नगला ब्राह्मण स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र और ग्राम पंचायत कैलोरा स्थित अस्थायी गो आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। नगला ब्राह्मण स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र में मृत गोवंश को दफनाने के लिए भूमि की अनुपलब्धता व जलभराव की समस्या मिली।
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कैलोरा स्थित अस्थायी गो आश्रय स्थल में मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं मिलीं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। डीएम ने खंड विकास अधिकारी हाथरस व ग्राम प्रधान कैलोरा को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को कैलोरा गोशाला के चारों ओर तार से फैंसिंग कराने के निर्देश दिए।



डीएम ने ब्लॉक सिकंदराराऊ के ग्राम पंचायत नगला मियां पट्टी देवरी के नगला ब्राह्मण स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। सचिव मंजीत सिंह ने बताया कि गोशाला में लगभग 203 निराश्रित गोवंश हैं। इनमें से 46 नर और 157 मादा गोवंश हैं। इनकी देखरेख के लिए पांच केयर टेकर व एक रात्रि चौकीदार हैं।
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डीएम ने गोशालाओं में संरक्षित पशुओं का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण व शतप्रतिशत ईयर टैगिंग करने के निर्देश दिए। एसडीएम सिकंदराराऊ वेदसिंह चौहान, परियोजना निदेशक राजेश कुमार कुरील, डीसी मनरेगा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान आदि उपस्थित थे।





महामई और नगला ब्राह्मण की गोशालाएं भी देखीं
सिकंदराराऊ। हसायन के गांव नगला मांधाती में गोवंशों के शवों को लेकर मची हायतौबा के बाद शनिवार को डीएम अर्चना वर्मा ने हसायन के गांव नगला ब्राह्मण तथा सिकंदराराऊ के गांव महामई सलावत नगर की गोशालाओं में निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। इससे पूर्व सलावत नगर की की गोशाला में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस गोशाला में वर्तमान में 114 गाय और 56 नंदी हैं। प्रधान सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि अपने संसाधनों से गायों के चारे की व्यवस्था कर रहे हैं। बीमारी से मृत्यु के बाद गायों को जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदवाकर दफनाया जाता है। सभी गायें ठीक मिलीं। संवाद
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