भोजन जीवन का आवश्यक घटक है। स्वस्थ तन और मन के लिए शुद्ध भोजन शरीर की प्राथमिकता होती है, लेकिन वर्तमान दौर में खाद्य पदार्थों में मिलावट का बाजार गरम है। खाद्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2022-23 में लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों में से 71 फीसदी फेल हो गए हैं। इसके लिए 168 लोगों से जुर्माना वसूला किया गया है। इसके बावजूद बाजार में मिलावटी व घटिया खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। इसके सेवन से लोग बीमार पड़ रहे हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि लोगों को खाद्य पदार्थों की शुद्धता के प्रति खुद ही सजग रहना होगा।
एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 के खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने दूध, घी, पनीर, मावा, बेसन, मिर्च पाउडर सहित बाजार में बिकने वाले कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। टीमों ने जिले में होटल, किराना की दुकानों, बेकरी, मिठाई की दुकान, डेयरी आदि स्थानों से भी नमूने लिए। इन नमूनों की सरकारी प्रयोगशाला में जांच कराई गई तो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई।
इसके आधार पर विभाग की ओर से 1965 निरीक्षण किए। निरीक्षण के दौरान 520 नमूने लिए गए। इनमें से 373 नमूने गुणवत्ता के मानक पर खरे नहीं उतरे। इस आधार पर 168 लोगों से 40.70 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज गुप्ता ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तत्संबंधी नियमावली का उल्लंघन किए जाने पर खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को उम्रकैद की सजा और 10 लाख रुपये तक का अर्थदंड देने का प्राविधान है।
जागरूकता ही मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचाव
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त रनधीर सिंह ने बताया कि उपभोक्ता थोड़ी सी जागरूकता दिखाकर मिलावट से बच सकते हैं। उन्होंने बताया कि बेसन को पानी में डालकर छोड़ दें। नकली होने पर यह थोड़ी देर में रंग छोड़ देगा। सरसों का तेल परखने के लिए उसे पानी के साथ मिलाकर हाथों पर रगड़ें। अगर नकली होगा तो थोड़ी देर में रंग छोड़ देगा। दूध में चीनी मिलाकर कुछ देर छोड़ने पर अगर केमिकल की गंध आती है तो यह नकली है।
-सासनी में पिछले दिनों एक रिफाइंड तेल और मिल्क पाउडर का नमूना फेल होने पर करीब 13 हजार रुपये सामान नष्ट कराया गया।
- हाथरस के नगला नाई क्षेत्र में मानक के विपरीत पाए जाने पर 55670 रुपये का मिर्च पाउडर सील किया गया। 28 हजार रुपये की कीमत का मिर्च पाउडर नष्ट कराया गया।