संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
सोमवार को संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गांव हतीसा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ डॉ पवन कुमार जिला एपीडेमियोलॉजिस्ट भी थे। गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुरसान की चिकित्सकीय टीम, पहले से ही कार्य करते हुए मिली।
शिविर में 36 मरीजों को दवा देकर इलाज किया गया। जिसमें 11 मरीज बुखार के थे, जिनकी रक्त पट्टिका बनाई गई। किट के माध्यम से डेंगू जांच की गई। 14 मरीज सर्दी जुकाम, 11 मरीज खाज खुजली और अन्य जोड़ों में दर्द, सिर दर्द इत्यादि के थे। इसके अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा ग्राम में भ्रमण किया गया और कूलरों एवं फ्रिज का निरीक्षण किया गया।
कूलरों तथा अन्य बर्तनों में जमा पानी को खाली कराया गया। ग्रामवासियों को समझाया गया कि किसी भी कूलर, फ्रिज की ट्रे या अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। जलभराव का निस्तारण अपने स्तर से अथवा ग्राम प्रधान के माध्यम से करें। सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग अवश्य करें।
अभी तक कराई जा चुकी है 502 मरीजों की डेंगू की जांच
58 ग्रामों में लगातार जिला स्तर से टीम भेजी जा रही हैं। आज तक 41 डेंगू प्रभावित ग्रामों में सोर्स रिडक्शन की गतिविधि संपन्न कराई जा चुकी है। मलेरिया नियंत्रण टीम द्वारा 41 ग्रामों में गतिविधि करते हुए अब तक लगभग 588 कूलरों, 64 फ्रिजों व 746 अन्य जलभराव वाले बर्तनों को खाली कराया जा चुका है।
जनपद में अब तक कुल-502 मरीजों की डेंगू जांच मैक इलाइजा द्वारा की जा चुकी है । जिनकी रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां से भी बुखार के रोगियों की सूचना प्राप्त हो, वहां स्वास्थ्य टीम भेजकर मलेरिया डेंगू की जांच करते हुए उन्हें आवश्यक दवा देकर उपचारित किया जाय।