लगातार बारिश से मंडी परिसर में हुए जलभराव से मंडी में बेचने के लिए रखी किसानों की मक्का व बाजरा की फसल खराब हो गई है। गुणवत्ता खराब होने से बाजरा 1200 रुपये व मक्का 800 रुपये क्विंटल में बिक रही है। फसल भीग जाने से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है।
जिले में 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बाजरा व 3500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मक्का की खेती हुई थी। फसल को ज्यादातर किसानों ने समय से से काट लिया। बावजूद फसल को नुकसान से नहीं बचा सके। किसानों ने बाजरा व मक्का को मंडी में आढ़तियों के यहां बेचने के लिए लाकर रख दिया। लेकिन लगातार हुई बारिश से मंडी परिसर में जलभराव हो गया। जिससे मंडी में रखी किसानों की मक्का व बाजरा की फसल भी गई। मक्का व बाजरा के गीले होने से उसमें कालापन आ गया है। किसान उन्हें सुखाकर बेचने का प्रयास कर रहे हैं। फसल की गुणवत्ता खराब होने से बाजरा 1950 रुपये की जगह अब 1200 से लेकर 1300 रुपये क्विंटल के भाव में बिक रहा है। वहीं मक्का 1700 रुपये से गिरकर 800 रुपये क्विंटल में बिक रही है।