पराग डेयरी, जिसकी भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित की गई है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए भूमि का निर्धारण के बाद भी अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। हालांकि प्रशासन की ओर से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू किए जाने के लिए शासन को कई बार समय-समय पर अनुस्मारक पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
मेडिकल कॉलेज न बनने से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अन्य जिलों में उपचार के लिए जाना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा बजट सत्र में जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज निर्माण की घोषणा की गई। इसके बाद यहां के बाशिंदों को बेहतर मेडिकल सुविधा मुहैया होने की आस बंध गई, लेकिन समय बीत जाने के साथ ही मेडिकल कॉलेज के निर्माण की आस अब टूटने लगी है।
वैसे मेडिकल कॉलेज के लिए दो जगह भूमि को चिन्हित कर जिला प्रशासन की तरफ से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। इसमें जलेसर रोड स्थित सीवेज फॉर्म और सासनी स्थित पराग डेयरी का जिक्र किया गया था।
शासन स्तर से पराग डेयरी की भूमि पर मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति दे दी गई है। पूर्व में शासन की एक टीम ने पराग डेयरी का दौरा भी किया। इसके बावजूद अभी तक इस निर्माण कार्य को शासन स्तर से हरी झंडी नहीं मिल सकी है। इस कारण यहां के बाशिंदों को बेहतर इलाज के लिए अन्य जिलों में भागना पड़ता है।
- शासन स्तर से मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए स्वीकृति मिलने का इंतजार है। शासन स्तर से स्वीकृति होते ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। - रमेश रंजन, जिलाधिकारी हाथरस