हाथरस के लोगों व राहगीरों को इस बार आरओ का निशुल्क पानी नहीं मिल रहा। चार साल तक भीषण गर्मी में राहगीरों की प्यास बुझाने वाली निशुल्क आरओ वाटर सेवा इस बार संचालित नहीं है। शहर में काफी हैंडपंप खराब हैं। ऐसे में लोगों को पीने के पानी ढूंढने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
चार साल पहले नगर पालिका प्रशासन ने निशुल्क आरओ वाटर सेवा शुरू कराई थी। पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा की देख-रेख में यह योजना चलाई गई थी। इस योजना के तहत शहर के मुख्य बाजारों व मार्गोंं पर आरओ वाटर की 20 ट्राली खड़ी कर दी जाती थी। अप्रैल से लेकर सितंबर के माह तक यह ट्रालियां शहर के विभिन्न बाजारों में खड़ी रहती थी। लोगों को निशुल्क आरओ वाटर मिलता था। इन ट्रालियों के माध्यम से रोजाना 20 हजार लीटर पानी की आपूर्ति होती थी।
राहगीरों के सूखे कंठ इससे तर होते थे। इतना ही नहीं यदि किसी स्थान पर पानी का ज्यादा संकट पैदा हो जाता था तो यह ट्रालियां वहां भी पहुंचा दी जाती थी। अब भीषण गर्मी में फिर पानी का संकट पैदा हो गया है। शहर में काफी इंडिया मार्क टू नल खराब हैं। अब जब गर्मी अपना प्रचंड रूप लेगी और निशुल्क आरओ वाटर सेवा शुरू नहीं हुई तो लोगों को काफी पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा।
नगर पालिका प्रशासन को इस बार भी ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे कि लोगों को निशुल्क आरओ वाटर मिले। इससे राहगीरों व आम लोगों को शुद्ध पेयजल की निशुल्क उपलब्धता हो जाती थी। अब लोगो को खरीदकर मिनरल वाटर पीना पड़ रहा है। - कमलकांत, राहगीर
इस बार अप्रैल का महीना शुरू हो गया है। गर्मी के तेवर भी प्रचंड हैं। शहर मेंं हैंडपंप खराब हैं। निशुल्क आरओ वाटर सेवा लोगों को भीषण गर्मी में काफी राहत देती थी। राहगीरों की आरओ वाटर ट्रालियां के पानी से मदद मिलती थी। प्रशासन इस सेवा को फिर से शुरू करना चाहिए। - अमन, राहगीर