क्षेत्र के गांव में ऐनवक्त पर दूल्हे वाले बरात लेकर दुल्हन के द्वार पर नहीं पहुंचे। लड़की के पिता सहित गांव के काफी लोग सोमवार को मुरसान कोतवाली पहुंच गए। लड़का पक्ष पर दहेज की मांग पूरी न होने के कारण शादी तोड़ने का आरोप लगाया। ऐनवक्त पर शादी टूटने से लड़की पक्ष के घर में सन्नाटा छा गया।
क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती की शादी अलीगढ़ जिले के किसी गांव से तय हुई थी। 28 अप्रैल को गांव में बरात आनी थी, लेकिन शादी से एक दिन पहले लड़का पक्ष के लोगों ने लड़की पक्ष से साफ मना कर दिया कि वह बरात लेकर नहीं आ रहे। लड़की के पिता ने बताया कि लड़का पक्ष के लोग कुछ समय पहले ही लड़की की गोद भराई करके गए थे। उसके बाद 26 अप्रैल को वह लोग लड़के की सगाई करके आए। इसमें लड़का पक्ष की मांग के अनुरूप एक लाख रुपये नकद और अन्य जरूरत का सामान देकर आए थे।
27 अप्रैल की शाम को लड़के के पिता ने फोन पर बरात न लाने की जानकारी दी। लड़की पक्ष के लोग सोमवार को कोतवाली पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें थाने से टरका दिया। पुलिस का कहना था कि जब शादी ही नहीं हुई है तो दहेज की मांग का क्या औचित्य। इसके बाद लड़की पक्ष ने किसी तरह लड़का पक्ष के कुछ लोगों को मुरसान बुलाया और शादी के लिए राजी करने के प्रयास किए, लेकिन बात नहीं बनी।