शनिवार को पोकलेन से खोदाई कर बकरी को निकालने का प्रयास करती टीम
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पिछले 12 दिनों से कलेक्ट्रेट के निकट निर्माणाधीन न्यायालय की जमीन पर बनी नलकूप की बोरिंग में फंसी को निकालने के लिए प्रशासन की तरफ से 9 दिसंबर को पांचवें दिन भी बचाव कार्य किया गया। देर शाम तक बकरी नहीं निकल सकी।
8 दिसंबर को ग्रामीणों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर नलकूप के बोरिंग में डाला था, जिससे पता चला है कि बकरी जिंदा है और वह चारा पानी भी ले रही है। शनिवार को भी बकरी को चारा-पानी दिया गया है। मुकेश पुत्र सौदान सिंह निवासी नगला हीरा सिंह 28 नवंबर को कलेक्ट्रेट के निकट निर्माणाधीन न्यायालय की जमीन पर बकरी चराने गए थे। इस दौरान उनकी एक बकरी नलकूप की बोरिंग में गिर गई थी। संवाद