तापमान में बदलाव चलते नवजात से लेकर दस वर्ष तक के बच्चे जुकाम, बुखार, उल्टी, दस्त की चपेट में अधिक आ रहे हैं। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है।
सितंबर में चढ़ता पारा बच्चों को बीमार कर रहा है। जिला महिला अस्पताल का स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू वार्ड) बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित बच्चों से फुल गया है। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में प्रति दिन 40 से 50 मरीज आ रहे हैं।
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तापमान में बदलाव चलते नवजात से लेकर दस वर्ष तक के बच्चे जुकाम, बुखार, उल्टी, दस्त की चपेट में अधिक आ रहे हैं। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। अभी तक ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 35 मरीज आते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा 50 से 60 तक पहुंच गया है। चिकित्सक बच्चों के उपचार के साथ परिजनों को बीमारियों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
अचानक तापमान बढ़ने से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है। एसएनसीयू वार्ड व ओपीडी में मरीजों की संख्या पहले से बढ़ गई है। एसएनसीयू वार्ड में 12 बेड हैं, लेकिन इससे अधिक बच्चे भर्ती हैं। ओपीडी में भी 50 से 60 बच्चे प्रति दिन आ रहे हैं। -डॉ. संजय, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला महिला अस्पताल।