संत फ्रांसिस इंटर कॉलेज के संभव प्रताप सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया की वजह से शिक्षा से ध्यान भंग होता है, उससे कैसे बचा जाए?
जवाब : 2008 में सोशल मीडिया ने पैर पसारना शुरू किया था। शिक्षा से ध्यान भंग करने के लिए शुरू से तमाम माध्यम रहे हैं। इस समय स्मार्टफोन ने जरूर ध्यान भंग किया है। दिन में कम से कम चार घंटे के लिए स्मार्ट फोन को खुद से अलग रखें। ऐसा नहीं है कि सोशल मीडिया से शिक्षा, अच्छी चीजें नहीं मिलती है। सकारात्मक व नकारात्मक दोनों पहलू हैं।
संत फ्रांसिस इंटर कॉलेज की जानवी व अनन्या ने पूछा कि परिवार वाले कुछ और कराना चाहते हैं और हम कुछ और करना चाहते हैं। क्या किया जाए?
जवाब : यह प्रत्येक पीढ़ी में रहा है। बच्चों को खुद को अभिभावकों से नजदीक होना चाहिए, जिससे कि अपने मन की उनसे कह सकें। अभिभावक अपने अनुभव से सलाह देते हैं। एक नौकरी व आय भी बहुत जरूरी है। इसे लेकर डीएम ने अपने अनुभवों को भी साझा किया। कहा परिजनों को विश्वास दिलाओ, उसके बाद जो करना चाहते हो वो करो।
राजेंद्र लोहिया विद्या मंदिर की अक्षरा जैन ने कहा कि 12वीं में पढ़ रही हूं। कॅरियर को लेकर भ्रम कि स्थिती में क्या करूं?
जवाब : परिवार वाले जो भी कहते हैं, सही कहते हैं। भारत में आईएएस बनना आकर्षण का केंद्र रहा है। लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में भी काफी बेहतर कॅरियर है। मेरे कई दोस्त स्टार्ट अप के जरिए बेहतर जिंदगी जी रहे हैं।
कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल से व्योमिका ने कहा कि परिवार वाले विज्ञान वर्ग से पढ़ाई कराना चाहते हैं, लेकिन मैं फेशन डिजाइनिंग करना चाहती हूं। इसे लेकर अभिभावक भी तनाव में रहते हैं। ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?
जवाब : अभिभावकों का तनाव में रहना स्वाभिक है। फैशन डिजाइनिंग में स्कोप है, लेकिन उसके लिए आपको क्रिएटिव होना पड़ेगा। अपने अभिभावकों को तैयार करो, उस फील्ड में स्कोप को परिजनों को बताओ और समझाओ।
संत फ्रांसिस इंटर कॉलेज की पूर्वी गौतम ने कहा कि पढ़ाई के लिए समय सारिणी किस तरीके से बनाया जाए?
जवाब : मोबाइल के प्रयोग को इस समय से कम से कम करो। सभी के पास ही 24 घंटे होते हैं, उसी में से खुद की पढ़ाई के लिए समय निकालना पड़ेगा। चार से पांच घंटे ठीक तरीके से पढ़ाई करनी चाहिए।
संत फ्रांसिस इंटर कॉलेज के कृष्णा शर्मा ने कहा यूपीएससी के जरिए इंजीनियरिंग करना चाहता हूं, तैयारी कैसे करुं?
जवाब : ऐसा नहीं है कि इंजीनियरिंग में कम पढ़ना पड़ता है। ज्ञानवर्धन के लिए एनसीईआरटी की किताबें व अखबार रोजना पढ़ें। सबसे ज्यादा लिखने की अभ्यास बनाएं। विकल्प चुनते समय सावधानी बरतें।
संत फ्रांसिस इंटर कॉलेज के नकुल शर्मा ने कहा कि इंटरव्यू के दौरान घबराहत महसूस होती है। क्या करना चाहिए?
जवाब : हम जब किसी से बात करें, तो यह खुद को भरोसा दिलाएं कि उसे भी उतना ही पता है, जितना हम जानते हैं। घबराहट को खुद पर हावी नहीं होने दें।
संत फांसिस इंटर कॉलेज के देव दीक्षित ने कहा कि जिले में स्पोर्ट्स की फैसिलिटी नहीं हैं। तैयारियों के लिए क्या करें?
जवाब : जिले में स्पोर्ट्स स्टेडियम बना हुआ है, हालांकि शहर से कुछ दूर है। जिले में खेल की सुविधा को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार भी इस ओर लगातार कदम उठा रही है।
आरबीएस सीनियर सैकेंडरी स्कूल की सुहानी ने पूछा कि किसी भी प्रतियोगिता में पास होने के लिए जोश को बरकरार कैसे रखा जाए?
जवाब : किसी के द्वारा आपके कॅरियर को लेकर कहीं गई नकारात्मक बात को ध्यान में रखकर उसे सकारात्मक पहलु से जोश को बनाए रखा जा सकता है।
अमर उजाला की ओर से हुए इस कार्यक्रम के जरिए बच्चों में कॅरियर को लेकर उठ रहे सवालों को एक दिशा मिली है। बच्चों को अपने कॅरियर के प्रति प्रेरणा भी मिली है। इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों के लिए कॅरियर को लेकर मार्ग दर्शन मिलता है।
- सन्नी कोटटूर, प्रधानाचार्य, संत फ्रांसिस इंटर कॉलेज, हाथरस
इन स्कूलों के विद्यार्थी हुए कार्यक्रम शामिल
संत फ्रांसिस इंटर कॉलेज, राजेंद्र लोहिया विद्या मंदिर, एबीजी गुरूकुलम, आरबीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लॉर्ड कृष्णा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एमएलडीवी पब्लिक इंंटर कॉलेज, द कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, ब्राइट कैरियर पब्लिक स्कूल, यूनियन पब्लिक स्कूल, बलवंत सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल।