हाथरस में सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव भुर्रका में तहेरे भाइयों ने सोमवार की दोपहर में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को लाहा के खेत में फेंक दिया। हत्या के बाद हमलावर हथियार लहराते हुए फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव भुर्रका में अमर सिंह और लक्ष्मण सिंह का परिवार है। दोनों सगे भाई हैं। अमर सिंह के चार बेटे हैं। इनमें से तीन गांव में रहते हैं और एक बाहर रहता है। एक ही परिवार का होने के बावजूद दोनों परिवार के युवक एक-दूसरे को लेकर रंगबाजी करते रहते थे। आपसी कहासुनी भी होती रहती थी। गांव वाले बीच में पड़कर फैसला करा देते थे।
एक परिवार के युवक ने रंगबाजी की, जो कि दूसरे परिवार को नागवार गुजरी। लक्ष्मण सिंह का एक बेटा बंटू (28 वर्ष) निवासी निधौली कलां एटा रहता है। उसे फोन कर गांव में आने के लिए कहा। दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे बंटू निधौली से भुर्रका आ रहा था। रास्ते में अमर सिंह के बेटे खेत में घात लगाकर बैठ गए। जैसे ही बंटू पास आया तो उसे पकड़ कर लाहा के खेत में ले गए और उसे गोली मार दी। गोली लगने से बंटू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर लोग दौड़कर खेत पर पहुंचे तो वहां उन्हें रक्त रंजित लाश मिली।
कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और शव को कब्जे में ले लिया। कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने बताया एक ही परिवार के लोग आपस में रंगबाजी दिखाते थे। यही रंगबाजी हत्या का कारण बन गई। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है। घटना के संबंध में बंटू के पिता लक्ष्मण सिंह ने अपने बड़े भाई अमर सिंह और उसके दो पुत्र ऊधम उर्फ सतेंद्र और अरविंद, अरविंद की पत्नी अर्चना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विवाद हैंडपंप पर पानी भरने को लेकर हुआ।