हाथरस-जलेसर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर 13 वें दिन भिलोखरी चौराहे पर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। ग्रामीणों ने हाथरस-जलेसर रोड की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर प्रतीकात्मक विलाप किया। सड़क का निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग का लेकर नारेबाजी की।
राष्ट्रवादी क्रांतिकारी सेना के प्रदेश संगठन मंत्री नेपाल सिंह धाकरे ने कहा के माचिस की छोटी एक तीली बड़े से बड़े जंगल को नष्ट कर देती है। इसी तरह इस धरना-प्रदर्शन को हल्के में लेने की गलती जिले के राजनेता न करें। इस धरना-प्रदर्शन से धीरे-धीरे जनता में आक्रोश पैदा हो रहा है। 28 जून को अधिक से अधिक लोग विशाल धरना-प्रदर्शन में एकत्रित होंगे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधियों को जगाया जाएगा। धरना-प्रदर्शन के 13 दिन पूरे होने पर भारतीय संस्कृति के अनुसार हाथरस-जलेसर रोड की अर्थी पर क्षेत्रीय जनता द्वारा विलाप किया गया। इस रोड का शीघ्र से शीघ्र निर्माण शुरू कराने की मांग की गई। क्रांतिकारी सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि गांव-गांव जाकर जनता को जगाने का कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर नवीन कुमार, सत्यपाल सिंह, हरेंद्र सिंह सिसोदिया, ज्ञानेंद्र सिंह, जय गोपाल, सत्येंद्र कुमार गौतम, पिंकी यादव, अमर सिंह, रामखिलाड़ी, उदयवीर, राजेंद्र सिंह, सुखवीर सिंह, नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
गिट्टियों पर लेपन कार्य कराने की मांग
हाथरस-जलेसर मार्ग के चौड़ीकरण व पुनर्निर्माण को लेकर भिलोखरी चौराहे पर क्षेत्रीय लोगों द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन को विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा समर्थन दिया जा रहा है। विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने धरना-प्रदर्शन को समर्थन देते हुए अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन सौंपा। प्रधानों ने कहा है कि हाथरस-जलेसर मार्ग सालों से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। वर्तमान में सड़क के गड्ढों को भरने के लिए गिट्टियां डाल दी गई हैं। यह गिट्टियां वाहनों से उछलकर लोगाें को लग रही हैं। इन गिट्टियों पर लेपन कार्य किया जाए। इस मौके पर गौरव कुमार, अतुल कुमार, कन्हैया सारस्वत, योगेश शर्मा, श्याम बाबू, वीरेंद्र कुमार, अजय कुमार, सत्यवीर सिंह आदि मौजूद थे।