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जान जोखिम में डालकर चालान भरते हैं स्टांप विक्रेता, समाधान की मांग

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तहसील दिवस में डीएम से स्टांप, चालान को लेकर ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता। - फोटो : SADABAD
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
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तहसील सादाबाद से स्थानांतरित उपकोषागार को पुन: सादाबाद तहसील में स्थापित कराए जाने को लेकर एडवोकेट शैलेंद्र नगाइच ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होने पत्र में बताया कि सादाबाद तहसील मुख्यालय है। वर्ष 2016 में जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्टांप विक्रेताओं व जनहित को नजर अंदाज करते हुए उपकोषागार को हाथरस मुख्यालय पर स्थानांतरित कर दिया गया। उपकोषागार को पुन: सादाबाद तहसील में स्थापित कराए जाने के संबंध में उनके द्वारा 31 जुलाई 2019 को डीएम, तीन सिंतबर को संपूर्ण समाधान दिवस और 17 सिंतबर को डीएम, तीन अक्तूबर को जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें प्रेषित की जा चुकी हैं, जिसके संबंध में न तो शासन स्तर से कोई कार्रवाही की जा रही है और न ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जनहित को वरीयता दी गई है। प्रशासनिक हठधर्मिता के कारण जो चालान पूर्व में स्टांप वेंडर्स द्वारा स्थानीय स्टेट बैंक की शाखा में जमा कराए जाते थे, अब वह चालान हाथरस की शाखा में कराए जा रहे हैं, जिस कारण स्टांप विक्रेताओं को लाखों रूपये की नगद धनराशि लेकर 22 किमी दूर सड़क मार्ग से जाकर चालान जमा कराए जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। यदि इस दौरान इन स्टांप विक्रेताओं के साथ कोई दुर्घटना होती है तो इसके लिए न तो शासन ही जिम्मेदारी लेगा और न ही प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदारी लेंगे। उन्होने समस्या के समाधान की मांग की है। यह भी बता दें कि उपकोषागार की स्थापना को लेकर सादाबाद तहसील का दौरा टीओ भी कर चुके हैं।
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