हसायन कोतवाली क्षेत्र के गांव खेड़ा सुल्तानपुर निवासी एक व्यक्ति ने बुआ की जमीन को भतीजे ने राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कराके बेच दिया। आरोपी के दो भाइयों को जब इसका पता लगा तो उन्होंने राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और आरके समेत 11 के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह जमीन बुआ ने तीनों भतीजों को दी थी।
एटा जिले के जलेसर थाना क्षेत्र के गांव टिमरूआ निवासी योगेश कुमार पुत्र रक्षपाल सिंह ने सिकंदराराऊ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा है कि वह तीन भाई क्रमश : योगेश कुमार, वीरेश कुमार व लाेकेश कुमार हैं। उनकी बुआ रामवती देवी पत्नी नेम सिंह निवासी गांव खेड़ा सुल्तानुपर थाना हसायन की कोई संतान नहीं थी। वह तीनों भाई ही उनकी जमीन पर खेतीबाड़ी करते थे। फूफा प्रेम सिंह की मृत्यु के बाद तीनों भाइयों ने बुआ की सेवा की। एक भाई लोकेश दिव्यांग था, इसलिए बुआ ने आधी जमीन उसे और बाकी आधी दो भाइयों के नाम तहरीर कर पंजीकृत करा दी थी।
बुआ ने आपने जीवनकाल में ही जमीन की नाप करा हिस्से निर्धारित कर दिए थे। बुआ की मृत्यु के बाद लोकेश ने पूरी जमीन अपने नाम दाखिल-खारिज कराने के लिए भगदौड़ की। आरोप है कि इस काम में राजस्व निरीक्षक सत्येंद्र कुमार, लेखपाल बृजेश शर्मा, आरके राजेंद्र प्रसाद यादव ने साथ दिया। लोकेश ने इस जमीन की लिखापढ़ी तेजवीर पुत्र पोप सिंह, स्नेहलता पत्नी पत्नी तेजवीर सिंह निवासी गांव खेड़ा सुल्तानपुर हसायन, मानवती पत्नी राकेश डोरीनगर अलीगढ़, विष्णुप्रिया पत्नी राजेश, राजेश कुमार निवासी रामनगर टेहू एत्मादपुर आगरा, श्याम सिंह, राकेश कुमार निवासी सुल्तानपुर खेड़ा को बिक्री कर दी। शिकायकर्ता ने आरोपियों से खुद की जान को खतरा भी बताया है।