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Hathras News: रेल फाटक पार करने में सिग्नल का रोड़ा

Fri, 04 Aug 2023 12:20 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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शहर के बीचों बीच से गुजरने वाले मथुरा-कासगंज रेल खंड पर बढ़ता यातायात का दबाव सड़क परिवहन व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। सिग्नल की तकनीकी दिक्कत के कारण ट्रेनों के आवागमन के समय वर्षों से यह फाटक अन्य की अपेक्षा पांच मिनट अधिक देरी तक बंद रहता है। इस कारण राहगीरों और वाहन चालकों को फाटकर पार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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बिजली कॉटन मिल चौराहा का रेलवे फाटक शहर के दूसरे रेल फाटकों से अलग है। एक बार फाटक बंद होने पर यह तय है कि इसे खुलने में कम से कम 12 मिनट का समय लगता है। रेलवे की तकनीकी टीम का कहना है कि यह फाटक हाथरस शहर स्टेशन के इन व आउट सिग्नल के अंदर आता है, इसलिए यह फाटक स्टेशन पर ट्रेन खड़े होने के समय तक बंद रहता है।


ट्रेन के स्टेशन से गुजरने के बाद ही सिग्नल क्लीयर हो पाता है। कासगंज की ओर से आने वाली ट्रेन के फाटक को पार कर स्टेशन पर पांच मिनट ठहरने के बाद मथुरा के लिए रवाना होने तक फाटक बंद रहेगा। इस अव्यवस्था के चलते अन्य फाटक की अपेक्षा बिजली कॉटन मिल फाटक कम से कम पांच मिनट अधिक समय तक बंद रहना राहगीरों के लिए दिक्कत पैदा करता है।
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गौरतलब है कि यह फाटक शहर के मोहल्ला विष्णुपुरी, खंदारी गढ़ी, नगला अलगर्जी होते हुए मथुरा-बरेली मार्ग को आगरा-अलीगढ़ मार्ग से जोड़ता है। इस रेलवे फाटक की टोटल व्हीकल यूनिट काउंट (टीवीयू) लगभग एक लाख वाहन की है। जाहिर है कि इस फाटक के अधिक समय तक बंद रहने से बड़ी संख्या में राहगीरों और वाहन चालकों को फाटक पार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके रेलवे की ओर से इस समस्या का निस्तारण नहीं किया जा रहा।





हमें आज तक समझ नहीं आया कि ट्रेन निकलने के पांच मिनट बाद भी बिजली कॉटन मिल फाटक क्यों नहीं खुलता, लेकिन इससे समस्या अधिक होती है। फाटक बंद देखकर हम अक्सर रास्ता बदल लेते हैं, क्योंकि यह फाटक 20 मिनट से पहले नहीं खुलता।
-मुकेश कुमार, राहगीर





हमने देखा है कि इस फाटक पर मथुरा जाने वाली ट्रेन जब तक स्टेशन से रवाना नहीं हो जाती, तब तक फाटक बंद रहता है। कई स्कूली वाहन भी फाटक पर फंस जाते हैं। यह वास्तव में गंभीर समस्या है। इसका समाधान होना चाहिए।
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-राजेंद्र पाठक, राहगीर।
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