स्टेट जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत कारोबारियों द्वारा दाखिल की जाने वाली विवरणी में अंतर सामने आने पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं, लेकिन इनका निस्तारण नहीं किया जा पा रहा है। स्टेट जीएसटी के कुल तीन खंड में से दो में सहायक आयुक्त न होने से नए व पुराने नोटिस का निस्तारण पूरी तरह ठप पड़ा है। इससे आम कारोबारियों के साथ कर अधिवक्ता परेशान हैं।
स्टेट जीएसटी के तहत पिछले कुछ माह से कई प्रकार के नोटिस जारी किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। वर्तमान में बिजनेस इंटेलीजेंस एंड फ्रॉड एनालसिस (बीफा) के अंतर्गत 200 से अधिक नोटिस जारी हैं। दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए जीएसटीआर-1 से जीएसटीआर- थ्रीबी, जीएसटीआर-7 से जीएसटीआर-थ्रीबी में अंतर के साथ जीएसटीआर-9 व 9ए के डिफॉल्टर के आठ सौ से अधिक नोटिस जारी हैं।
ऑर्टीफिशियल इंटेलीजेंस एआई बैंड सहित अन्य कई प्रकार के भी नोटिस कारोबारियों को जारी है, लेकिन इनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। हालात ये हैं कि स्टेट जीएसटी के एक मात्र सहायक आयुक्त को दोनों खंड के पंजीयन की अतक्ति जिम्मेदारी दी गई है, इसलिए सहायक आयुक्त स्तर से पंजीयन को छोडक़र सभी काम पूरी तरह ठप पड़े हैं। कर अधिवक्ताओं व कारोबारियों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा। उन्हें नई तैनाती या पुराने अधिकारियों को चार्ज दिए जाने का इंतजार है, ताकि उनके काम आगे बढ़ सकें।
दो अधिकारियों को नहीं दी जा रही जिम्मेदारी
स्टेट जीएसटी खण्ड कार्यालय में कुछ दिन पहले एक अधिकारी को प्रोन्नत कर सीटीओ से एसी बना दिया गया, लेकिन उन्हें एसी के काम की जिम्मेदारी अथवा प्रभार नहीं दिया जा रहा। वहीं एक एसी को प्रोन्नत कर डीसी बना दिया गया, लेकिन उनसे न एसी का काम लिया जा रहा है और न ही डीसी का, जबकि तैनात हाथरस खण्ड कार्यालय में ही है। अहम ये है कि खण्ड एक व दो में एसी के पदों पर कोई भी तैनात नहीं है।
विशेष तौर पर खंड एक व खंड दो के एसी स्तर के काम पूरी तरह ठप हैं। यहां जल्द से जल्द अधिकारियों की तैनाती होनी चाहिए, अन्यथा कारोबारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। नोटिसों का निस्तारण न होने से कारोबारी मानसिक रूप से परेशान हैं।
-दुर्गेश चतुर्वेदी, कर अधिवक्ता
विभागीय नीति इस समय हमें समझ नहीं आ रही। आला अधिकारी चाहें तो दोनों खंडों का काम निपटवा सकते हैं। सहायक आयुक्त पद पर दो अधिकारियों से काम कराया जा सकता है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
-गिरीश शर्मा, कर अधिवक्ता
कर अधिवक्ताओं व कारोबारियों की परेशानी वाकई सही है। कर अधिवक्ता संघ ने भी इसे लेकर अपनी बात कही है। हमने समस्या को लेकर आला अधिकारियों को अवगत करा दिया है। जल्द ही कर अधिवक्ताओं व कारोबारियों की समस्या का निस्तारण हो जाएगा।
-आरके सिंह, उपायुक्त प्रशासन, स्टेट जीएसटी हाथरस