हाथरस। ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही पर एसडीएम सदर शनिवार को बुरी तरह बिफर उठे। उन्होंने डब्ल्यूवीएन सेक्शन के बाबू को अपने कमरे में बुलाकर जमकर डांट पिलाई। उनसे पूछा कि क्या वह रविवार की छुट्टी में यह काम निपटा सकते हैं तो बाबू ने साफ इंकार कर दिया। यह सुनते ही एसडीएम भड़क गए।
उन्होंने बाबू को तुरंत कमरे से बाहर जाने के लिए कहा और नायब तहसीलदार व बाबू को नोटिस देकर समीक्षा के लिए रविवार को तलब कर लिया है।
दरअसल, एसडीएम की यह नाराजगी लंबे समय से ऑडिट आपत्तियों के लंबित रहने पर थी। तहसील हाथरस में 1993 से लेकर अब तक की ऑडिट आपत्तियां लंबित हैं। एसडीएम ने बाबू को बुलाकर लंबित ऑडिट आपत्तियों की जानकारी ली और कहा कि इनके निपटारे में इतनी लापरवाही क्यों है।
लिपिक इस बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। एसडीएम ने कहा कि शासन स्तर से बार-बार इस संबंध में नाराजगी जाहिर की जा रही है, फिर भी इस महत्वपूर्ण और बेहद संवेदनशील काम में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने बाबू से कहा कि वह छुट्टी के दिनों में भी काम करके इन आपत्तियों को निपटाएं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बाबू ने छुट्टी के दिनों में यह काम करने में असमर्थता जता दी। उनका कहना था कि छुट्टी में घर के और भी काम होते हैं। यह सुनकर एसडीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने बाबू को डांटते हुए तुरंत बाहर जाने के लिए कह दिया। उन्होेंने बाबू के साथ नायब तहसीलदार को भी कड़ा पत्र जारी कर ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के ब्योरे के साथ तलब कर लिया है। यह मामला तहसील में चर्चा का विषय रहा।