आवेदन के साथ खतौनी नहीं लगाने पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में 23 हजार किसानों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। पिछले करीब एक साल से कार्यालयों और शिविरों के चक्कर काट रहे इन किसानों को अब नए सिरे से आवेदन करने होंगे।
पिछले करीब एक साल में 32 हजार किसानों ने निधि पाने के लिए आवेदन किए थे। शासन ने एक सितंबर 2022 के बाद सम्मान निधि के आवेदन के साथ खतौनी भी अपलोड करने का प्रावधान किया। विभाग ने इस संबंध में किसानों को जागरूक नहीं किया। शासन ने शिविर लगाकर किसानों को जागरूक करने और उनके आवेदनों की त्रुटि दूर करने के लिए अभियान भी चलाया, लेकिन इसके बाद भी इतनी बड़ी संख्या में किसानों के आवेदन निरस्त होना इस अभियान पर सवाल खड़े कर रहा है।
करीब 23 हजार आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। बिना खतौनी अपलोड किए यह आवेदन किए गए थे। किसानों के मोबाइल पर खतौनी को अपलोड करने के संबंध में शासन से मेसेज भेजा गया है। किसानों को फिर से आवेदन प्रकिया को पूर्ण करना होगा।
हंसराज, उपनिदेशक कृषि।
सरकार किसानों के संग छल कर रही है। जिससे किसान परेशान होकर आवेदन न करे। कर्मचारियों द्वारा भी उन्हें बरगलाया जा रहा है। बार-बार किसान सम्मान निधि का फॉर्म भर-भर कर परेशान हो गए हैं। उनके खाते में सम्मान निधि नहीं आ रही है।
मलखान सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।
आला अधिकारी आधार कार्ड, खतौनी व केवाईसी के नाम पर किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं। मैं प्रशासन से कहना चाहता हूं कि इन समस्याओं को संज्ञान में लेकर प्राथमिकता से निपटाया जाए। किसानों के खातों में पहले की तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भेजी जाए।
धर्मेंद्र चौधरी, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन भानु।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत आवेदन किया था। आवेदन को करीब एक साल हो गया है, लेकिन अभी तक निधि का पता ही नहीं है। आवेदन पर कोई स्टेटस भी शो नहीं हो रहा है।
रानू पंडित, पापरी।
एक साल से निधि लेने के लिए कई शिविरों में चक्कर लगा लिए , लेकिन निधि का अता पता नहीं है। कई बार ऑनलाइन ईकेवाइसी भी करा ली।
कुमरपाल, पापरी।