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जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस: आरोपी आरपीएफ जवान चेतन की सलहज ने थोड़ा बताया, पर आईं कईं बातें सामने

Tue, 01 Aug 2023 09:56 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

आरोपी चेतन अपने परिवार के साथ बीते करीब 6 माह से गंगा धाम कॉलोनी में रह रहा है। गेट खटखटाने पर एक बच्चा दरवाजे पर आया। उससे कुछ पूछते तब तक एक महिला दरवाजे पर आई और बच्चे को अंदर भेज दिया। फिर कहने लगी कि यह चेतन का बेटा है। इसे अभी कुछ भी पता नहीं है। क्या आप लोगों ने कुछ बताया तो नहीं है। जब बताया कि हमने कुछ नहीं कहा तो वह थोड़ी सहज हुईं। इसके बाद उन्होंने दरवाजा खोला। 
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चेतन का फोटो - फोटो : परिवार
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विस्तार
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जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में एक एएसआई और 3 यात्रियों की हत्या के आरोपी आरपीएफ के जवान चेतन का परिवार टेकमेन सिटी की गंगा धाम कॉलोनी में रह रहा है। चेतन के घर में फिलहाल उसके ससुरालीजन रुके हुए हैं। मंगलवार को उसके घर के आसपास सन्नाटा पसरा था। पड़ोसी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। चेतन की साली ने भी कई बार पूछने के बाद थोड़ी बहुत जानकारी दी। 

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आरोपी चेतन अपने परिवार के साथ बीते करीब 6 माह से गंगा धाम कॉलोनी में रह रहा है। गेट खटखटाने पर एक बच्चा दरवाजे पर आया। उससे कुछ पूछते तब तक एक महिला दरवाजे पर आई और बच्चे को अंदर भेज दिया। फिर कहने लगी कि यह चेतन का बेटा है। इसे अभी कुछ भी पता नहीं है। क्या आप लोगों ने कुछ बताया तो नहीं है। जब बताया कि हमने कुछ नहीं कहा तो वह थोड़ी सहज हुईं। इसके बाद उन्होंने दरवाजा खोला। 

उन्होंने बताया कि वह चेतन के साले की पत्नी अर्थात चेतन की सलहज हैं। दरवाजे पर ही खड़े-खड़े बात करने और कई बार पूछने पर बताया कि चेतन का व्यवहार अच्छा था। उसका परिवार में किसी से झगड़ा नहीं होता था। वह डिप्रेशन का शिकार है और इलाज चल रहा है। कुछ समय पूर्व एमआरआई भी हुई थी। चेतन के साथ क्या हुआ, उसने ऐसा क्यों किया, किन परिस्थितियों के चलते किया, वह कुछ भी नहीं जानती हैं लेकिन उनके साथ कुछ तो हुआ था तभी इतना बड़ा कदम उठाया। 
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बताया कि चेतन का विवाह आगरा में वर्ष 2013 में हुआ था। दो बच्चे एक पुत्र व एक पुत्री है।  चेतन करीब 15-20 दिन पहले घर आए थे और  4-5 दिन रुके थे। बात करते समय पीछे से एक बुजुर्ग ने अंदर के दरवाजे से झांका तो सलहज ने पूछने पर बताया कि चेतन के परिवार से यहां कोई भी  नहीं है। जो भी यहां रुके हुए हैं, सभी चेतन के ससुरालीजन हैं। जब सलहज से उनका नाम पूछा गया तो बताने से इंकार कर दिया। 

चेतन के परिवार के यहां आने की बात पूछी तो उन्होंने कोई जवाब देने से इंकार करते हुए कहा कि अब वह किसी भी सवाल का जवाब नहीं देगी। इससे अधिक उन्हें कुछ नहीं पता है। इतना कह कर दरवाजा बंद कर लिया। उनकी गली के कोने पर बनी दुकान संचालक ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने चेतन को कभी नहीं देखा, उन्हें यह भी नहीं पता कि वह यहां किराए पर रहते हैं अथवा खुद का मकान है। उनके परिवार से कभी किसी का झगड़ा होते भी नहीं देखा है।

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