बिजली कटौती को लेकर ग्राम सुसायत कलां के ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण बिलखौरा बिजलीघर पर जमा हो गए और बिजलीघर के गेट पर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइनमैन ने रविवार को गांव की लाइन काट दी है, जिससे पूरे गांव में बिजली ठप है।
एक तरफ तो अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में कोने-कोने को रोशन करने की बात चल रही थी तो दूसरी तरफ विद्युत कर्मियों ने गांव सुसायत कलां की बिजली काटकर ग्रामीणों को इस उत्साह के उत्साह से वंचित कर दिया। बिलखौरा बिजलीघर पहुंचे ग्रामीणों ने विद्युत अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी डीके शर्मा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया। एसडीओ ने ग्रामीणों को हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जेई देवेंद्र सिंह ने लाइनमैन से कहकर रविवार की शाम को पूरे गांव की लाइन कटवा दी है, जिससे पूरे गांव की बिजली ठप हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार सुबह तक बिजली न आने से उनके इन्वर्टर जवाब दे गए। ग्रामीण पानी के लिए भी तरस गए। कई बार गांव में हाईटेंशन का लाइन टूट कर गिर गया है, जिससे बड़ा हादसा होने से बचा है। ग्रामीणों ने गांव में शीघ्र बंच केबल डलवाने की मांग की। धरने पर बैठने की सूचना पर विद्युत विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई।
धरने पर बैठने वालों में मुन्नी देवी, हरपाल सिंह, प्रेमपाल कश्यप, गजेंद्र सिंह, सुरेशचंद्र प्रधान, कालीचरण, रोशनलाल, रामेश्वर सोलंकी, रूप किशोर, मुन्नी देवी आदि शामिल हैं। जेई देवेंद्र सिंह का कहना है कि लाइन में रविवार को फाॅल्ट हो गया था। लाइनमैन एवं पुलिस को मौके पर भेजकर लाइन को जुड़वा दिया गया है। ग्रामीण द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह सभी गलत हैं।