एक तरफ गर्मी के मारे लोगों का हाल बेहाल है तो दूसरी तरफ रोडवेज अधिकारियों ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गर्मी में बसें आए-दिन बसें बाईपास पर यात्रियों को उतार देती हैं। इस कारण यात्रियों को छह किलोमीटर की दूरी तय करने में हर रोज पसीना बहाना पड़ रहा है। यात्रियों को बाईपास से शहर तक पहुंचने के लिए वाहन नहीं मिलते। मजबूरी में कई तो पैदल ही यह दूरी तय करनी पड़ती है।
शहर के लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए ओवरब्रिज का निर्माण हुए दो साल हो गए। इसके बावजूद रोडवेज बसों के चालक-परिचालकों को शहर के अंदर से बसें ले जाने में दिक्कत होती है। इसका खामियाजा हर रोज आगरा-अलीगढ़ की दूरी तय करने वाले यात्रियों को उठाना पड़ता है। रोडवेज बसें बाईपास पर उतार देती हैं।
शहर से बाईपास के दोनों छोर की दूरी करीब छह किलोमीटर है। अब गर्मी के मौसम में यात्रियों को वहां बसों से उतरने के बाद शहर तक आना मुश्किल होता है। क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) सतेंद्र वर्मा का कहना है कि बसों को शहर के अंदर से गुजरवाने के लिए एआरएम को निर्देशित किया जाएगा। वहां कर्मियों को तैनात कराया जाएगा, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
रोडवेज बसें शहर के अंदर से गुजरें तो सफर में आसानी रहेगी। बाईपास पर उतारने के दौरान आए-दिन चालक-परिचालकों से यात्रियों की नोकझोंक होती है। वहां से शहर आने के लिए कोई वाहन तक नहीं मिलता है। -राजकुमार, यात्री
ओवरब्रिज बनने के बावजूद रोडवेज बसें शहर के अंदर से नहीं गुजर रहीं हैं। बाईपास से शहर की दूरी करीब छह किलोमीटर है। यदि बसें शहर के अंदर गुजरें तो काफी राहत मिलेगी। गर्मी में दोपहर के समय पर। -पदम सिंह, यात्री