एक महिला द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की फर्जी मुहर बनाकर व फर्जी हस्ताक्षर कर निजी चिकित्सकों व पैथोलॉजी लैब संचालकों को नोटिस जारी कर दिए। इतना ही नहीं महिला ने निजी चिकित्सक व पैथोलॉजी लैब संचालकों से हजारों रुपये की वसूली भी कर ली। अब मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. मंजीत सिंह ने महिला के खिलाफ कोतवाली मुरसान में मुकदमा दर्ज कराया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि गांव नगला शीशम निवासी आरती शर्मा पत्नी अवधेश शर्मा ने प्रभारी चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरसान के लैटर पैड पर अवैध तरीके से हस्ताक्षर कर चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए। महिला ने फर्जी तरीके से स्वहस्ताक्षर से चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों व डॉ. अमर सिंह, डॉ. रामपाल सिहं लाल एवं डॉ. सीएस भारती को नोटिस निर्गत किए गए, जबकि आरती शर्मा नाम की कोई महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरसान में कार्यरत नहीं है।
रामपाल सिंह पुत्र भगवान सिहं निवासी ग्राम गौजिया थाना मुरसान द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में आरती शर्मा के संबंध में शिकायत की गई है। इनके द्वारा दवा लेने के बहाने फर्जी वीडियो बनाकर प्रार्थी को ब्लैकमैल कर रुपयों की मांग की जा रही है। महिला नोटिस देकर कहती है कि अगर उससे बात नहीं की तो फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा देगी।
पत्र के माध्यम से यह भी सूचित किया गया है कि महिला प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी मुरसान के नाम से फर्जी लेटर जारी कर कई अन्य डॉक्टरों को भी ब्लैकमेल कर चौध वसूली करती है। रामपाल सिहं द्वारा इस संबंध में कोतवाली मुरसान में तहरीर दी जा चुकी है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर पूरे मामले की जांच-पड़ताल शुरु कर दी है।
एक महिला द्वारा फर्जी तरीके से मुहर बनाकर व अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर चिकित्सीय प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए जाने व चिकित्सकों को ब्लैकमेल कर चौथ वसूली किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस मामले में आरोपी महिला के खिलाफ कोतवाली मुरसान में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
-डॉ. मंजीत सिंह, सीएमओ