भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशवदेव गौतम ने हाथरस सदर विधायक अंजुला माहौर के जाति प्रमाणपत्र के फर्जी होने का आरोप लगाते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया था। न्यायालय में इस मामले में शुक्रवार को परिवादी के सीआरपीसी की धारा 200 के तहत बयान दर्ज किए गए। न्यायालय ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए दो जून की तारीख तय की है।
परिवादी केशव देव गौतम ने अपने अधिवक्ता विजेंद्र गुप्ता के माध्यम से एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। प्रार्थना पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि हाथरस सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर आरक्षित सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं।
विधायक अंजुला सिंह माहौर ने अपना जाति प्रमाणपत्र मायके की जाति को छिपाकर अपने ससुराल की जाति के आधार पर फर्जी रूप से तैयार कराया है। केशवदेव का आरोप है कि किसी भी महिला का जाति प्रमाणपत्र ससुराल पक्ष से नहीं माना जाता, उसके मायके से ही बनाया जाता है। इसे लेकर शुक्रवार को परिवादी केशवदेव गौतम के न्यायालय में बयान हुए। न्यायालय ने इस मामले में अगली तिथि दो जून नियत की है। संवाद