विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 115000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सासनी में क्षेत्र के एक व्यक्ति ने तहरीर दी। तहरीर में उसने कहा कि प्रार्थी की पुत्री कोचिंग जाने की कहकर 9 जून 2021 को घर से गई है। जो आज तक वापस नहीं आई है। काफी ढूंढने का प्रयास किया है लेकिन आज तक पता नहीं लगा है। उन्होंने किशोरी के फेसबुक मित्र शुभम राजपूत फ़ेसबुक आईडी के अनुसार निवासी चंद्रपुर महाराष्ट्र पर अपनी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया। मामले में थाना सासनी में अभियुक्त रोहित सिंह के विरुद्ध न्यायालय में आईपीसी की धारा 363, 366, 376 व 3/4 पॉक्सो एक्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त रोहित सिंह पुत्र निर्जेश सिंह राजपूत निवासी मोहल्ला राजीव गांधी नगर मकान नंबर 30 परिवर्तन चौक रामनगर चंद्रपुर महाराष्ट्र को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी रोहित सिंह को आईपीसी की धारा 363 में सात वर्ष के कठोर कारावास व 5 हजार रुपये का अर्थदंड, आईपीसी की धारा 366 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं दस हजार रुपये, पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास और एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी के केशवदेव माहौर ने की।