विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रामप्रताप सिंह के न्यायालय ने दुष्कर्म के एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि 2 अगस्त 2021 की रात्रि आठ बजे जब उनकी पत्नी शौच के लिए गई थी तो वहां पहले से बैठे यतेंद्र कुमार उर्फ सचिन ने उनकी पत्नी को पकड़ लिया। युवक ने उनकी पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर जब उनकी भाभी पहुंची तो आरोपी मारपीट कर वहां से भाग गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद पीड़िता का डाक्टरी परीक्षण भी कराया।
विवेचना के बाद विवेचनाधिकारी ने इस मामले में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम रामप्रताप सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद आरोपी यतेंद्र उर्फ सचिन को दोषी मानते हुए 10 साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।