हाथरस। यूपी बोर्ड की पहली परीक्षा बिना पुलिस बल के ही हो गई। सीएम अखिलेश यादव की सुरक्षा में जिलेभर का ज्यादातर फोर्स झोंक दिया गया, परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी के लिए होमगार्ड तक नहीं बचे। पुलिस की गैर मौजूदगी से देहात के कई परीक्षाकेंद्राें पर धड़ल्ले से नकल हुई, जिससे नकल रोकने के सरकार के दावे की हवा निकल गई। पहले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के आने का कार्यक्रम था। उनकी सुरक्षा में मंडलभर का फोर्स लगाया गया था। क्योंकि कार्यक्रम हाथरस जिले में स्थित डीपीएस सीनियर विंग में आयोजित किया गया था इसलिए हाथरस जिले के सभी थानों का पूरा फोर्स सुरक्षा में लगाया गया था और यहां के एसपी अजय पाल शर्मा को बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा बंदोबस्त की कमान साैंपी गई थी। सुरक्षा में कोई कसर न रह जाए इसलिए सभी थानों का फोर्स और पीएसी को लगाया गया। गुरुवार को ही यूपी बोर्ड की पहली परीक्षा भी थी। जिलेभर में 136 परीक्षा केंद्रों के लिए पर्याप्त पुलिस बल चाहिए था। पुलिस प्रशासन ने सपा मुखिया की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था से समझौता करना मुनासिब समझा। पहली परीक्षा के दिन कोई भी सुरक्षा कर्मी किसी भी केंद्र पर मौजूद नहीं था। इससे देहात में मौजूद कुछ परीक्षाकेंद्रों पर परीक्षार्थियों को नकल करने का पूरा मौका मिला। पुलिस के न होने से केंद्र व्यवस्थापक परीक्षार्थियों को नकल पहुंचाने वाले लोगों को नहीं खदेड़ सके। इस संबंध में एसपी अजय पाल शर्मा ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मियों के कुछ गश्ती दल बनाए गए थे। ये दल सभी केंद्राें पर बार-बार पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे थे। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को भी पुलिस अधिकारियों के फोन नंबर दिए गए थे। सभी को नकल या उपद्रव होने की स्थिति में पुलिस को फोन करने को कहा गया था।