राम मंदिर निर्माण पर हाथरस में संबोधित करते प्रवीण भाई तोगड़िया
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अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद-राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर आठ करोड़ हिंदुओं द्वारा दिए गए सवा-सवा रुपये से बना है। यह मंदिर उन लाखों कार सेवकों की वजह से बना है, जिन्होंने अयोध्या पहुंचकर कारसेवा की। मंदिर का संघर्ष 496 साल का है।
वह 31 जनवरी को हाथरस के गोपाल धाम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राम मंदिर के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी 25 पीड़ियों से संघर्ष जारी था। आज की पीढ़ी में सात अक्टूबर 1984 को सरयू नदी में संकल्प लिया, उस समय वहां बाबरी का ढांचा खड़ा था। मंदिर बनाने के लिए ढांचे के पास ढाई एकड़ जमीन खरीदी गई। राम मंदिर बनाने के लिए सोमनाथ मंदिर को डिजाइन करने वाले लोगों से संपर्क कया गया। 1989 को अयोध्या में भूमि पूजन हुआ।
मंदिर किसी एक व्यक्ति के पैसे से नहीं बना है। सवा-सवा रुपये वाला कूपन जारी किया गया। आठ करोड हिंदुओं के घर पर जाकर कूपन काटे गए। वह स्वयं भी गए। 1990 में भव्य राम मंदिर के पत्थर तैयार किए गए। चार साल पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जमीन मिल गई। मशीन से पत्थरों को सेट किया गया। कार सेवकों का 1984 से अब तक 40 साल में 12 बार हिंदुओं को जगाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए हमेशा अयोध्या और अवध के लोग ही लड़ते थे। जब पूरे देश का हिंदू एक जुट हो गया और लाखों की तादाद में कार सेवक अयोध्याय पहुंच गए तब मंदिर का आंदोलन तेज हुआ और रामंदिर बन गया। तोगडिया ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया कि एक हिंदू, दूसरे हिंदू की मदद करे। प्रत्येक मोहल्ले में हिंदू समाज का एक व्यक्ति हर सप्ताह शनिवार व मंगलवार को मोहल्ले में हनुमान चालीसा का पाठ कराए।