ठेकेदार मुनेंद्र उपाध्याय हत्याकांड में शामिल राजीव गौतम ठेकेदार मुनेंद्र को भी आगाह कर रहा था और बता रहा था कि उसकी हत्या की साजिश रची जा चुकी है। दूसरी ओर वह हत्या की साजिश में भी शामिल था।
ठेकेदार मुनेंद्र को एक व्यक्ति ने फोन कर बताया था कि सतर्क रहना, उसकी हत्या की साजिश रची जा चुकी है। मुनेंद्र ने इसकी सूचना कोतवाली सदर पुलिस को दी थी। पुलिस ने फोन करने वाले युवक की कॉल डिटेल निकलवाई तो युवक की पहचान राजीव के रूप में हुई। हत्या के बाद जब राजीव पुलिस की पकड़ में आया तो पूछताछ के दौरान पूरा मामला साफ हुआ। राजीव को पहले से ही जानकारी थी कि ठेकेदार मुनेंद्र उपाध्याय की हत्या होने वाली है। वह इसकी जानकारी मुनेंद्र को दे रहा था कि वह सतर्क हो जाए। वह हत्या में शामिल आरोपियों से भी मिला हुआ था।