शनिवार की रात को रुक-रुककर और रविवार की दोपहर को करीब एक घंटे हुई बारिश ने उमस से तो पीछा छुड़ा दिया, लेकिन शहर के कई इलाकों व सरकारी कार्यालयों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रविवार को सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर करीब 12:15 बजे से बारिश शुरू हो गई। करीब 40 मिनट तक तेज बारिश हुई। उस समय बाजार में अच्छी-खासी चहल-पहल थी। लिहाजा बारिश से बचने के लिए जिसे जहां जगह मिली, वह वहां खड़ा हो गया। बारिश से मौसम सुहाना हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिल गई, लेकिन शहर में जलनिकासी की व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई। सड़कों पर जलभराव हो गया। गली-मोहल्लों में जलभराव से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को बारिश के पानी में होकर गुजरना पड़ा। गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना होने का डर बना रहा। कई स्थानों पर घरों के सामने भी जलभराव हो गया।
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इन स्थानों पर हुआ जलभराव
बारिश से लेबर कॉलोनी, विष्णुपुरी, गिर्राज कॉलोनी, श्रीनगर, नवल नगर, कैलाश नगर, मोहल्ला नई दिल्ली, नाई का नगला, रानी का नगला, लेबर कॉलोनी, साकेत कॉलोनी, औद्योगिक अस्थान, मोहनगंज, चामड़ गेट, जलेसर रोड, सरक्यूलर रोड, डाकखाना वाली गली, भूरापीर सहित कई प्रमुख इलाकों में जलभराव हो गया। इधर, जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, सदर कोतवाली परिसर में भी जलभराव हो गया।
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इनसेट-
बारिश से धान और बाजरा की फसल को फायदा
जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर में धान की फसल की रोपाई हुई है। धान की फसल में बारिश की अहम भूमिका होती है। बारिश से सबसे ज्यादा फायदा धान की फसल को हुआ है। बाजरा की फसल पर भी बारिश से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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बातचीत-
शहर में जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर न होने से बारिश से जलभराव हो जाता है। रविवार को शहर के कई इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
- केदारनाथ, चामड़ गेट।
जलभराव शहर की प्रमुख समस्याओं में से एक है। नगर पालिका प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए।
- सौरभ, आगरा रोड।
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वर्जन-
बारिश से शहर के कुछ इलाकों में जलभराव हो गया। कुछ देर बाद पानी स्वत: ही निकल गया। जलनिकासी की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए समय-समय पर नाले-नालों की सफाई कराई जाती है।
- रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका।
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