नुमाइश में पीएसी जवानों की लाठियों से घायल हुए युवा अधिवक्ता की कोतवाली पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न करने करने के विरोध में वकीलों का दूसरे दिन भी तहसील पर धरना जारी रहा। वकीलों ने पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर उन्हें वास्तविकता की जानकारी देने का निर्णय लिया।
बता दें कि कुछ दिन पूर्व नुमाइश में शाम के समय युवकों के बीच झगड़ा हो गया था। वहां मौजूद युवा अधिवक्ता प्रियांशु दरगढ़ ने बीच बचाव कराना चाहा तो इस दौरान पीएसी के जवानों ने प्रियांशु को भी लाठियां जड़ दीं, जिसे उनकी कलाई में चोट आ गई। कोतवाली पुलिस ने वकील का चिकित्सकीय परीक्षण कराया।
वकीलों का आरोप है कि चिकित्सीय परीक्षण के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की। इसे लेकर दो दिन से वकील तहसील परिसर में धरने पर बैठे हैं। दूसरे दिन निर्णय लिया गया कि संघर्ष समिति बनाकर आंदोलन को तेज किया जाएगा। संघर्ष समिति में जयप्रकाश गुप्ता, ओमप्रकाश गौतम, डीके सिंह चौहान, नरेश बघेल, अवधेश यादव को नामित किया गया।
प्रमुख रूप से थे रनवीर सिंह, गौरीशंकर गुप्ता, युवराज सिंह चौहान, ब्रजेश कुमार यादव, इंद्रपाल सिंह यादव, अवनीश कुमार शर्मा, नरेश बघेल, समाजप्रिय रत्न, प्रमोद कुमार बघेल, मनवीर सिंह, ओसवीर सिंह आदि थे। कोतवाल आशीष कुमार सिंह ने कहा कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।