बिटिया प्रकरण की तारीख पर न्यायालय में जाती अधिवक्ता सीमा कुशवाहा
बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को चारों अभियुक्तों को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया। बिटिया का भाई भी पैरवी के लिए कड़ी सुरक्षा में न्यायालय पहुंचा। प्रकरण में अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस पूरी हो गई है। न्यायालय ने फैसले के लिए दो मार्च की तिथि निश्चित की है।
चंदपा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंंबर 2020 को अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या का प्रयास किया गया था। युवती ने 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। मामले में गांंव के ही संदीप, रवि, रामू और लवकुश को अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने चारों को युवती की मौत से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
युवती का मध्य रात्रि में अंतिम संस्कार करने को लेकर प्रशासन की काफी किरकिरी भी हुई थी। पूरे प्रकरण में प्रदेश सरकार विपक्षियों के निशाने पर आ गई थी। विपक्षी दलों के कई बड़े राजनेता बिटिया के परिजनों के आंसू पोंछने आए थे।इस मामले में तत्कालीन एसपी सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बिटिया के परिजनोंं को सीआरपीएफ की सुरक्षा दी गई।
मामले की जांच सीबीआई ने की थी और चारों अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल किया गया था। बृहस्पतिवार को चारों अभियुक्तोंं को पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच अलीगढ़ जेल से न्यायालय में लेकर आई और वहां उनकी पेशी हुई।
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने की बिटिया पक्ष की पैरवी
बिटिया पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा व स्थानीय अधिवक्ता महीपाल सिंह निमहोत्रा ने पैरवी की तो बचाव पक्ष की ओर से मुन्ना सिंह पुंढीर एडवोकेट ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से सीबीआई के वकील अनुराग मोदी भी मौजूद थे।