नगर पालिका परिषद हाथरस के कार्यालय से सम्पत्ति संबंधी पत्रावलियों के गायब होने के मामला सामने आया है। इसे लेकर नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) को पत्र लिखकर कर संग्रहक और संपत्ति लिपिक पर पूर्व अध्यक्ष के घर पत्रावलियों को ले जाने का आरोप लगाया है। पालिकाध्यक्ष ने ईओ को निर्देशित किया है कि 30 मई की सुबह तक गायब पत्रावलियां कार्यालय में नहीं मिलती हैं तो दोनों कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
शहर की नई सरकार बनते ही नगर पालिका परिषद में पत्रावलियों के गायब होने के इस मामले ने नगर पालिका को सुर्खियाें में ला दिया है। यह मामला सोमवार को नव निर्वाचित पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी तक पहुंच गया। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि संज्ञान में आया है कि पालिका संपत्ति से संबंधित पत्रावली कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं।
पालिका की संपत्ति में 100 रुपये के स्टांप पेपर पर नामांतरण किए गए हैं। इनसे संबंधित पत्रावलियां कर संग्रहक, प्रभारी नजूल निरीक्षक येशुराज शर्मा व संपत्ति लिपिक द्वारा पूर्व अध्यक्ष के यहां भेजी गई थीं, लेकिन अभी तक पत्रावलियों को कार्यालय में वापस नहीं लाया गया है। इन दोनों कर्मचारियों द्वारा अपने कार्य के प्रति घोर लापरवाही बरती गई है।
उन्होंने कहा है कि इन हालात में इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि बहुत सी पत्रावलियां कार्यालय से गायब कर दी गई हैं। उन्होंने ईओ को निर्देश दिए हैं कि 30 मई की सुबह 10 बजे तक संबंधित पत्रावलियां कार्यालय में उपलब्ध नहीं होती हैं तो उक्त दोनों कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।