दूध पिलाने वाली ऐसी महिलाएं, जो अपना दूध जरूरतमंद शिशुओं को दान करना चाहती हैं, उनका दूध इस बैंक में फ्रिज में संरक्षित रखा जाता है। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती ऐसे शिशु, जिनकी मां किसी कारणवश उनके पास नहीं हैं, उन्हें यह दूध पिलाया जा सकता है, जिससे इन शिशुओं को पोषक तत्व मिल सकते हैं।
जिला महिला अस्पताल में मदर्स मिल्क बैंक शुरू होने में पुलिस चौकी रोड़ा बन रही है। अस्पताल परिसर में जगह न मिल पाने के कारण मिल्क बैंक का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नवजात शिशुओं को नहीं मिल पा रहा है।
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नवजात शिशुओं के विकास में मां का दूध महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किन्हीं कारणों से काफी शिशुओं को मां का दूध नहीं मिल पाता है, जिससे इन शिशुओं के विकास में दिक्कत आती हैं। जिला महिला अस्पताल में जन्म लेने वाले व एसएनसीयू में भर्ती होने वाले सभी बच्चों को मां का दूध उपलब्ध हो सके, इसके लिए शासन ने जिला अस्पताल में मदर्स मिल्क बैंक शुरू करने के निर्देश दिए थे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिस जगह मिल्क बैंक शुरू होना है, वहां पुलिस चौकी चल रही है। जगह के अभाव में मिल्क बैंक शुरू नहीं हो पा रहा है। अब जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डाॅ.शैली सिंह ने सीएमओ डाॅ.मंजीत सिंह को पुलिस चौकी को खाली कराने के लिए पत्र लिखा है।
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बैंक में माताओं का दूध किया जाता है संरक्षित
दूध पिलाने वाली ऐसी महिलाएं, जो अपना दूध जरूरतमंद शिशुओं को दान करना चाहती हैं, उनका दूध इस बैंक में फ्रिज में संरक्षित रखा जाता है। एसएनसीयू वार्ड में भर्ती ऐसे शिशु, जिनकी मां किसी कारणवश उनके पास नहीं हैं, उन्हें यह दूध पिलाया जा सकता है, जिससे इन शिशुओं को पोषक तत्व मिल सकते हैं।
जिला महिला अस्पताल में मदर्स मिल्क बैंक शुरू होना है, लेकिन पुलिस चौकी की वजह से इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा। पुलिस चौकी खाली कराने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है।-डॉ. शैली सिंह, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल