संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
मेला श्री दाऊ जी महाराज स्थित पंडाल में रविवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। छतरपुर मध्यप्रदेश से आए श्रीप्रकाश पटैरिया का नागरिक अभिनंदन किया गया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ इंदौर से आए प्रतीक चौहान ने मां शारदे की वंदना की। श्रीप्रकाश पटैरिया ने जहां पर भी मैं जाता हूं, वहां सम्मान रखता हूं, मैं अपने देश का अधरों पे हरदम गान रखता हूं... सुनाया।
कासगंज से आए गीतकार अजय अटल की यह रचना सराही गई तुम प्यार के दरिया में उतर क्यों नही जाते, जीने की तमन्ना है तो मर क्यों नहीं जाते। इंदौर से आए गीतकार प्रतीक सिंह चौहान ने यह रचना प्रस्तुत की गीता जैसी कविता कोई नही हुई। रामायण सा ग्रंथ नहीं है दुनिया में।
राजस्थान से आए ओजस्वी कवि महेश डांगरा ने पढ़ा हम हुए आजाद ऐसे राजनेता आ गए, जो बचा गोरों से सारे मिलके नेता खा गए। महोबा से आए सुश्रुत त्रिपाठी मयंक, अनिल बौहरे, देवेश सिसोदिया, डॉ. उपेंद्र झा, राणा मुनि प्रताप आदि कवियों ने काव्यपाठ किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सिकंदराराऊ के समाजसेवी जयपाल सिंह चौहान ने की। मुख्य अतिथि के रूप में नीरज प्रताप सिंह व विशिष्ट अतिथि के रूप में बृजभान सिंह, सतेंद्र राघव तथा राजेश गुड्डू रहे। अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के छवि चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
संयोजक समिति ने सभी अतिथियों एंव कवियों का अंग वस्त्र पहनाकर प्रतीक चिन्ह और फूल माला पहनाकर सम्मान किया। इसके संयोजक राणा मुनि प्रताप थे। कार्यक्रम में योगेंद्र सिंह गहलौत, नेत्रपाल सिंह फौजी, हरिओम तोमर आदि थे।