कुरसंडा क्षेत्र के 12 गांवों में इन-दिनों पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। इन गांवों में नलकूप के पानी की पाइप लाइन के जरिये आपूर्ति की जाती है, लेकिन पिछले 42 दिनों से नलकूप खराब होने से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। ग्रामीण इन दिनों गांव से दो-तीन किलोमीटर दूर जाकर कुम्हरई और नौगांव रजबहे निकट से पानी लेकर आने को मजबूर हो रहे हैं। ज्यादातर ग्रामीण खरीदकर पानी पीने के लिए मजबूर हैं।
सादाबाद क्षेत्र के करीब 45 गांवों में खारे पानी की समस्या है। इन गांवों में विभिन्न स्रोतों से पीने का पानी मुहैया हो पाता है। इस क्रम में नगला मिठास में बने नलकूप से क्षेत्र के 12 गांवों में पाइप लाइन से पेयजल की आपूर्ति होती है। फिलहाल पिछले 42 दिनों से इन गांवों में पेयजल की आपूर्ति ठप पड़ी है। गांव नगला मिठास में इन गांवों को पेयजल की आपूर्ति देने वाले नलकूप की मोटर खराब पड़ी है। इस कारण पेयजल की आपूर्ति बंद पड़ी है। इस कारण ग्रामीण बेहद परेशान हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निगम से लेकर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दिए जाने के बाद भी अभी तक राहत नहीं मिल पाई है। मोटर ठीक करने के लिए ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय तक चक्कर काट चुके हैं। ग्रामीणों को आश्वासन से अधिक कुछ हासिल नहीं हुआ है। इससे पहले भी एक बार मोटर खराब हो गई थी। तब ग्रामीणों ने चंदा करके इसे ठीक करा लिया था, लेकिन अब 42 दिनों से मोटर खराब पड़ी है। ग्रामीणों को सफाई और धुलाई के लिए आसपास गांव से सुबह शाम पानी लाना पड़ रहा है, जबकि पीने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है।
इन गांवाें में ठप पड़ी है पेयजल आपूर्ति
नगला मिठास, नगला ध्यान, नगला काठ, नगला मोहन, अनगदा, नगला चांद, नगला कांच, मोती गढ़ी, फलू गढ़ी, लाल गढ़ी, नगला पदम, नगला बलवंत, बधूरी, बेलिका।
10 हजार की आबादी है परेशान
इस नलकूप के खराब होने के कारण 10 हजार की आबादी इन-दिनों परेशान है। यह लोग दिनचर्या के अन्य कार्याें को छोड़कर सुबह से ही पानी का इंतजाम करने में जुट जाते हैं। गांव की महिलाएं भी कई किलोमीटर दूर से पानी लाने के लिए मजबूर हैं।
मोटर ठीक करने के लिए गांव के लोग कई जगह चक्कर काट चुके हैं, लेकिन अभी तक मोटर ठीक नहीं हुई है। किसी दिन ग्रामीण मिलकर आंदोलन करेंगे, तब उनकी बात सुनी जाएगी।
-रामवती, नगला मिठास
जल निगम के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि तक कोई उनकी बात नहीं सुन रहा है। सुबह शाम आसपास के गांव से पानी लाना पड़ रहा है, जबकि पीने के लिए पानी की खरीद करनी पड़ रही है।
-रामकिशन, नगला ध्यान
ग्राम पंचायत के जरिए नलकूपों को सही कराया जाना है। इसके लिए ग्राम पंचायत को अवगत करा दिया गया है। ग्राम पंचायत स्तर से इस नलकूप का संचालन हो रहा है।
-मोहम्मद इमरान, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण।
शनिवार को मिस्त्री नलकूप की मोटर को सही करने के लिए गए थे, लेकिन गांव वालों ने नलकूप के कमरे की चाबी नहीं दी। अब सोमवार को फिर से मिस्त्री नलकूप सही करने के लिए भेजे जाएंगे।
देवेंद्र गौतम, एडीओ पंचायत