शहर का सबसे पुराना एमडी टीबी अस्पताल कर्मियों की कमी से जूझ रहा है। स्टाफ नहीं होने से लंबे समय से अस्पताल में आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी) सेवा पूरी तरह ठप पड़ी है। हालांकि वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवा बहाल है। आईपीडी सेवा ठप होने से यहां मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। यहां के मरीजों को पड़ोसी जिले आगरा-अलीगढ़ के लिए रेफर किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि शहर के बागला जिला अस्पताल परिसर में पांच दशक से अधिक पुराना और प्राचीन एमडीटीबी अस्पताल है। किसी समय इस अस्पताल में हाथरस के अलावा आसपास के जिलों से भी टीबी के मरीज इलाज कराने आते थे। जिन मरीजों को भर्ती करने की आवश्यकता होती थी, उन्हें भर्ती किया जाता था। वर्ष 2020 में कोरोना के चलते टीबी अस्पताल की ओपीडी व आईपीडी सेवाओं को बंद कर दिया गया।
कोरोना संक्रमण थमने के बाद बाद टीबी अस्पताल को डेंगू अस्पताल में परिवर्तित कर दिया गया। बाद में शासन के आदेश पर अस्पताल की ओपीडी सेवा शुरू कर दी गई, जो आज भी संचालित है, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों के साथ नर्स, वार्ड बॉय व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का भारी संकट है। इस कारण अस्पताल में आईपीडी सेवा शुरु नहीं हो पा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में स्टाफ की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। जैसे ही पर्याप्त स्टाफ की तैनाती हो जाएगी, वैसे ही ही आईपीडी की सेवा शुरू कर दी जाएगी।
जून के आखिरी सप्ताह में एडी हेल्थ डॉ. साधना राठौर व जेडी डॉ. वीके सिंह ने एमडीटीबी अस्पताल की बंद पड़ी आईपीडी सेवा शुरु कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने अस्पताल में चल रही स्टाफ की कमी के बारे में जानकारी ली थी।
एमडी टीबी अस्पताल में स्टाफ की कमी है। इसको दूर करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में ओपीडी सेवा पूरी तरह संचालित है। जो मरीज भर्ती करने योग्य होते हैं, उन्हें जितने समय तक अस्पताल में स्टाफ रहता है, उतने समय के लिए भर्ती किया जा रहा है।
-डॉ. मनजीत सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी