पूर्वोत्तर रेलवे के मथुरा-कासगंज रेल खंड पर चलने वाली एक जोड़ी पैसेंजर ट्रेन मथुरा में शुरू होने वाले नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण प्रभावित रही। इस ट्रेन का संचालन कासगंज से मथुरा छावनी की जगह सिर्फ सोनई स्टेशन तक किया गया। इस कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मजबूरी में यात्रियों को रोडवेज बसों और डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
हाथरस सिटी स्टेशन से दोपहर 12:30 बजे मथुरा के लिए जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया। वहीं रात नौ बजे चलने वाली पैसेंजर ट्रेन का भी संचालन सोनई स्टेशन से किया गया। ऐसे में यात्रियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय बड़ी संख्या में ट्रेन का प्रयोग करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। कई यात्रियों को ट्रेनों की जगह रोडवेज बसों के साथ अन्य प्रकार के वाहनों का सहारा लिया गया।
हाथरस डिपो ने मथुरा के लिए चलाईं तीन अतिरिक्त बसें
हाथरस सिटी स्टेशन से दोपहर के समय मथुरा को जाने वाली ट्रेन के आंशिक रूप से रद्द होने से रोडवेज के हाथरस डिपो ने यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन किया। हालांकि बसों से यात्रा करने में यात्रियों पर आर्थिक बोझ तो ज्यादा पड़ा, लेकिन गंतव्य तक पहुंचने की बाधा जरूर दूर हो गई। रोडवेज ने इन बसों का संचालन दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच किया गया, ताकि यात्रियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
आज मथुरा जाने के लिए कुछ लोगों को छोड़ने आया था, लेकिन आज मथुरा वाली ट्रेन सोनई तक ही जा रही है, इसलिए यात्रा रद्द करनी पड़ी। रेलवे को चाहिए कि ट्रेनों के निरस्तीकरण का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराना चाहिए।
-दिनेश कुमार निवासी हसायन
आज मथुरा जाने वाली ट्रेन में काफी कम यात्री थे। मथुरा तक ट्रेन का संचालन न होने से दिक्कत का सामना करना पड़ा है। काफी यात्री भी ट्रेन के रद्द होने से परेशान हुए हैं। अब तालाब चौराहे से बस व अन्य वाहनों से यात्रा की है।
-अजय कुमार, निवासी गढ़ी तमना