गांव गदाई में दिवाकर समाज के घर के आगे लिखा घर बिकाऊ है। संवाद
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गांव गदाई में सोमवार को कांवड़ में लाया गया गंगाजल चढ़ाने को लेकर हुए विवाद के बाद दिवाकर समाज के लोगों में दहशत है। इसे लेकर समाज के लोगों ने मंगलवार को ग्रामीणों ने गांव में पंचायत की। पंचायत में निर्णय लिया गया कि अब घरों को बेचकर गांव से पलायन करना ही एकमात्र रास्ता है। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में अपने-अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ है, लिख दिया है।
गांव गदाई निवासी दिवाकर समाज के लोगों का कहना है कि दूसरे पक्ष के लोग आए-दिन उनके साथ मारपीट करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। सोमवार को हुई घटना के बाद से ही समाज के सभी परिवार दहशत में हैं। समाज के लोगों ने अपनी बिरादरी के सभी लोगों को एकत्रित कर मंगलवार को गांव में पंचायत की। निर्णय लिया गया कि दबंग आए-दिन मारपीट करते हैं, लेकिन पुलिस इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
ग्रामीणों का कहना है कि अब अपने घरों को बेचकर गांव से पलायन करने में ही उनकी भलाई है। इन लोगों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में मंदिर पर पूजा कराने के बाद से ही आरोपी पक्ष के लोग समाज के लोगों को घरों में बंद कर जिंदा जलाने व रास्ते किनारे रहने वाले लोगों को वाहनों से कुचलने की धमकी दे रहे हैं। इन धमकियों से समाज के लोग दहशत में हैं।
मंदिर की दीवार से सटकर बनी है पुलिस चौकी
गांव गदाई में शिव मंदिर के पास में ही पुलिस चौकी बनी है। यहां पुलिस पिकेट भी कभी-कभी तैनात रहती है। सोमवार को जिस समय गांव में यह घटना हुई, उस समय गांव में बनी इस पुलिस चौकी पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। मंदिर पर जलाभिषेक करने को लेकर दोनों पक्षों के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए थे। हैरानी की बात यह है कि हालात पूरी तरह बिगड़ने के बाद पुलिस गांव में पहुंची।
मजदूरी के पैसे मांगने पर भी पिटाई का आरोप
दिवाकर समाज के लोगों का आरोप है कि मंदिर पर पूजा करने से रोकने वाले लोग काफी समय से ही उनके समाज के लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं। यह लोग गांव में मजदूरी कराने के लिए समाज के लोगों को जबरन ले जाते हैं। आरोप है कि जब इनसे मजदूरी के पैसे मांगे जाते हैं तो यह लोग मारपीट कर देते हैं। कई बार पुलिस से शिकायत होने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई इनके खिलाफ नहीं की है, जिससे इनके हौसले बुलंद हैं।