हाथरस जिले का बिजली विभाग समय-समय पर चर्चाओं में बना रहता है। अब विभाग में बिल जमा करने वाले उपभोक्ता को फर्जी रसीद का मामला संज्ञान में आया है। एक बिलिंग काउंटर से फर्जी रसीद जारी की गई। उपभोक्ता ने बिल की रकम जमा करा दी और उसे इसकी रसीद भी मिल गई, लेकिन जब नया बिल आया तो उसमें जमा की गई रकम जुड़ी देखकर वह सन्न रह गया।
उपभोक्ता के सामने सवाल था कि जब उसने पूरा बिल चुका दिया और रसीद भी मिल गई तो नए बिल में यह रकम कैसे जुड़कर आ गई। मामला उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई है। बिजली विभाग में वर्ष 2007 में डार्क जोन में फर्जी कनेक्शन का मामले ने तूल पकड़ा। उसके बाद मीटर में चिप लगाकर रीडिंग कम करने का मामला संज्ञान में आया। अब बिलिंग काउंटर पर फर्जी रसीद का मामला संज्ञान में आया है। राजबहादुर सिंह पुत्र महावीर सिंह निवासी पट्टी सावंत का नलकूप कनेक्शन है। उन्होंने 24 नवंबर को कनेक्शन संख्या 781707058722 के आए बिल के आधार पर 6311 रुपये का भुगतान चंदपा में बिलिंग काउंटर पर जाकर किया।
काउंटर से उपभोक्ता को ईके 24111254655 नंबर की रसीद जारी की गई। इसके बाद जब उपभोक्ता का दूसरा बिल आया तो उसमें बिल की राशि जुड़कर आई। उपभोक्ता ने इस संदर्भ में अधिकारियों से संपर्क किया। आज तक उपभोक्ता की समस्या का निदान नहीं हुआ है। इसी तरह विभाग में कई उपभोक्ताओं के साथ गोलमाल का मामला प्रकाश में आया है। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि इस मामले में अधिशासी अभियंता से आख्या मांगी जा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।