पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के चलते पकने को तैयार धान की फसल खेतों में गिर रही है। इससे खराब हो रही फसल को देखकर किसान मायूस हैं।
अलहदादपुर गांव निवासी ठा. पिंकू सिंह के अनुसार उनके सहित भाइयों के पास 75-80 बीघे खेत हैं। दो दिन पहले तक उनके खेतों में धान की फसल लहलहा रही थी। बुधवार की सुबह वह खेतों पर पहुंचे तो एक तरफ से धान की फसल खेतों में बिछी हुई थी। इससे फसल खराब हो जाएगी। लागत भी नहीं निकलेगी।
शेखा गांव के पूर्व प्रधान प्रदीप सिंह का कहना है कि बारिश ज्यादा नहीं हुई लेकिन तेज हवा से काफी नुकसान हुआ है। खेत में खड़ी फसल के बाद मौसम ने जिस तरह से करवट लिया है, उससे फसल खराब होने का डर बना हुआ है। उन्होंने नुकसान की जांच कराकर शासन से किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रशासन से मांग की है।
गोंडा संवाददाता के अनुसार बारिश की वजह से तीन दिन पहले से धान की फसल में नुकसान होने लगा था। बुधवार की सुबह तेज हवा के साथ बारिश आई। इससे पकने को तैयार खड़ी धान की फसल में नुकसान हुआ है।धान की फसल जमीन में गिर गई है। इससे पैदावर पर असर पड़ेगा। धान की बाली के पानी में भीगने व मिट्टी लगने से दाना भी काला पड़ने की आशंका है। अरहर की फसल को भी नुकसान पहुंचेगा। अधिक पानी से अरहर की फसल गलने लगेगी। हरी सब्जियों को भी लगातार बारिश से नुकसान पहुंच रहा है।