जिले में नेत्र संक्रमण तेजी से फैल रहा है, लेकिन विभाग में सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। नेत्र परीक्षण अधिकारी भी पांच सीएचसी पर ही तैनात है। 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर तो वह भी नहीं है।
बारिश के मौसम में कभी उमस भरी गर्मी तो कभी बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं के चलते लोग नेत्र संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। निजी अस्पतालों से लेकर सरकारी अस्पतालों तक नेत्र संक्रमण के मरीजों की भरमार है। सोमवार को अकेले जिला अस्पताल में ही करीब 300 मरीज नेत्र संक्रमण के पहुंचे।जिले में चिकित्सकों कीकमी है।
116 चिकित्सकों के मुकाबले 65 चिकित्सक ही तैनात है। देहात के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की बात करे तो सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और 25 स्वास्थ्य केंद्रों में एक भी नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं है। डिप्लोमा धारी नेत्र रोग परीक्षण अधिकारी ही उपचार कर रहे हैं, वे भी सात में महौ और सहपऊ सीएचसी पर तैनात नहीं है।
सिकंदराराऊ सीएचसी पर पहुंचे 60 मरीज
सीएचसी सिकंदराराऊ पर बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहंचे। नेत्र संक्रमण के 60 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। अस्पताल में नेत्र चिकित्सक तैनात नहीं है। नेत्र परीक्षण अधिकारी ने मरीजों का उपचार किया।
सादाबाद सीएचसी पर नेत्र परीक्षण अधिकारी कर रहे उपचार
अस्पताल में नेत्र चिकित्सक तैनात नहीं है। सादाबाद सीएचसी पर नेत्र संक्रमण के 80 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। नेत्र परीक्षण अधिकारी गोपाल गौतम ने इन मरीजों का उपचार किया।
मुरसान सीएचसी पर नेत्र संक्रमण के 243 मरीज पहुंचे
कस्बा मुरसान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नेत्र चिकित्सक की तैनाती नहीं है। मुरसान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को सुबह से लेकर दो बजे तक कुल मरीजों की संख्या 430 रही है। मुरसान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात नेत्र परीक्षण अधिकारी ननकेश कुमार विमल का कहना है कि इनमें 243 मरीज नेत्र संक्रमण के पहुंचे, जिन्हें उपचार दिया गया। कुछ मरीज आंखों में सूजन व खुजली होने की दवा लेकर गए हैं। नेत्र संक्रमण के ज्यादातर मरीज आंखों का लाल होना व पानी बहने के साथ-साथ खुजली होने के लक्षण मिले हैं।
सहपऊ में न नेत्र रोग चिकित्सक और न परीक्षण अधिकारी
सीएचसी पर रोजाना आई फ्लू के औसतन 125 से 150 मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में न तो कोई नेत्र चिकित्सक मौजूद है न ही कोई नेत्र परीक्षण अधिकारी। एमओआईसी ही नेत्र संक्रमण के मरीजों का उपचार कर रहे हैं। एमओआईसी डाक्टर विजय आनन्द के अनुसार अस्पताल में नेत्र संक्रमण की दवाएं पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। यही हाल सीएचसी महो का है, यहां नेत्र चिकित्सक और नेत्र परीक्षण अधिकारी नहीं है। करीब दस मरीज यहां नेत्र संक्रमण का उपचार कराने पहुंचे।
दिन ब दिन बढ़ रहा प्रकोप
सादाबाद। आई फ्लू का प्रकोप कस्बा, देहात में तेजी से फेल रहा है। आई फ्लू के संक्रमण के चलते स्कूलों में भी बच्चों के लिए चश्मा अनिवार्य कर दिया गया है। यहां आई फ्लू के मरीजों की संख्या प्रतिदिन 225 से 250 तक पहुंच रही है। सोमवार को 224 मरीज देखे गए। तैनात नेत्र परीक्षण अधिकारी गोपाल गौतम ने बताया कि मरीजों का परीक्षण कर एंटीबायोटिक, आई ड्राप बांट रहे हैं।यहां आई सर्जन की तैनाती नहीं है।
-स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। किसी भी सीएचससी पर नेत्र विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। पांच सीएचसी पर नेत्र परीक्षण अधिकारी तैनात हैं। चिकित्सक की सहायता से वही नेत्र संक्रमण के मरीजों का उपचार कर रहे हैं। सीएचसी महो और सीएचसी सहपऊ में नेत्र परीक्षण अधिकारी तैनात नहीं हैं। इन अस्पतालों में एमओआईसी ही नेत्र संक्रमण के मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
- डॉ0 मंजीत सिंह, सीएमओ, हाथरस।