गर पालिका परिषद में वाटर एटीएम के नाम पर हुए घोटाले में शासन ने पूर्व चेयरमैन आशीष शर्मा से 1.04 करोड़ रुपये की वसूली के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने ईओ को इस धनराशि की वसूली कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
वर्ष 2018-19 में नगर पालिका परिषद के सभासदों ने गर्मी में नगर के मुख्य स्थानों पर वाटर एटीएम की व्यवस्था कराने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा था। इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी। नगर पालिका के अवर अभियंता (जल) ने ग्रीष्म ऋतु में छह माह के लिए नगर के 12 स्थानों पर तीन वर्षों के लिए 1,47,16,800 रुपये का अनुमानित बजट प्रस्ताव तैयार किया। मेसर्स गर्ग इन्टरप्राइजेज की 1,46,74,121 रुपये की निविदा प्राप्त हुई, जिसे पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा ने स्वीकृति दी। इस फर्म को वित्तीय वर्ष 2018-19 में 50,68,703 रुपये और अगले वर्ष 2019-20 में 39,13,341 रुपये का भुगतान किया गया।
इस संबंध में तत्कालीन पालिका अध्यक्ष के खिलाफ शिकायतें की गईं, जिनकी जांच करने के निर्देश शासन ने आयुक्त अलीगढ़ मंडल को दिए थे। उन्होंने जांच आख्या शासन को भेज दी थी।
शासन की ओर पूर्व अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, हाथरस के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच कराकर आख्या उपलब्ध कराने के लिए आयुक्त अलीगढ़ मंडल को निर्देश दिए थे। उन्होंने जांच करते हुए आख्या शासन को भेज दी। इसमें तीन आरोपों में से एक आरोप की पुष्टि हुई थी। इसके बाद शासन ने पूर्व चेयरमैन से स्पष्टीकरण मांगा था। उनके स्पष्टीकरण को शासन से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। आशीष शर्मा के स्पष्टीकरण को शासन ने असंतोषजनक माना और उनसे 1.04 करोड़ रुपये की धनराशि के वसूली के आदेश दिए।